उमर ने जोजिला सुरंग की उपलब्धि का स्वागत किया, गडकरी से विमान सेवा की अपील की

उमर ने जोजिला सुरंग की उपलब्धि का स्वागत किया, गडकरी से विमान सेवा की अपील की

उमर ने जोजिला सुरंग की उपलब्धि का स्वागत किया, गडकरी से विमान सेवा की अपील की
Modified Date: June 9, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: June 9, 2026 5:34 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

मिनिमर्ग (लद्दाख), नौ जून (भाषा) जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अपील की कि वह कारगिल के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू कराने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें।

यहां जोजिला सुरंग का निर्माण पूरा होने से संबंधित एक समारोह में अपने संबोधन में अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ मैं लद्दाख के लोगों को बधाई देता हूं और इस उपलब्धि के लिए गडकरी और मंत्रालय में उनके अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं, जो हमें हर मौसम में संपर्क के सपने के करीब ले जाएगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि लद्दाख के लोगों का एक सपना पूरा होने के करीब है, लेकिन दूसरा सपना – कारगिल के लिए सीधी और नियमित हवाई सेवा – अभी साकार होना बाकी है।

उन्होंने कहा, “एक और सपना साकार होना बाकी है, यानी कारगिल के लिए नियमित और सीधी हवाई सेवा। मैंने कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। यह कारगिल के लोगों की एक और पुरानी मांग है।”

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी से अपील करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, “आप एक ऊर्जावान और कर्मठ व्यक्ति हैं। इसलिए मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया इस आकांक्षा को साकार करने में भी अपना प्रभाव इस्तेमाल कीजिए। बेहतर हवाई सेवा और सड़क संपर्क इस क्षेत्र को बहुत लाभ पहुंचाएंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने इस परियोजना का सपना देखा था लेकिन उसे साकार नहीं कर सके।

कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाली जोजिला सुरंग मंगलवार को पूर्ण होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ी, जब हिमालय को काटकर बनाई जा रही इस ऊंचाई वाली अवसंरचना परियोजना के अंतिम 2.5 मीटर हिस्से को विस्फोट से तोड़ दिया गया। इसके बाद सुरंग के आरपार का रास्ता बन गया है।

गडकरी ने रिमोट का बटन दबाकर लद्दाख के मिनिमर्ग में सुरंग के ईस्ट पोर्टल के पास विस्फोट किया। इस दौरान अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही दुनिया के सबसे लंबे सिंगल-ट्यूब बाइपास के दोनों सिरे जुड़ गए हैं। इस बाईपास से इस ऊंचे दर्रे को पार करने में लगने वाला समय 1.5 घंटे से घटकर 15 मिनट हो जाएगा।

इस सफलता से कश्मीर और लद्दाख के बीच साल भर संपर्क स्थापित होने का एक लंबे समय से संजोया सपना साकार हुआ है।

अब्दुल्ला ने कहा, “दशकों से, इस क्षेत्र के लोगों को सर्दियों में जोजिला दर्रे के बंद होने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह सुरंग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, व्यापार और वाणिज्य तक आसान पहुंच प्रदान करके निवासियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाएगी।”

उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि परियोजना का शेष कार्य जल्द से जल्द पूरा हो जाएगा ताकि सुरंग पूरी तरह से चालू हो सके।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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