बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन ही न्याय दिला सकता है: आरजी कर मृतका के माता-पिता

बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन ही न्याय दिला सकता है: आरजी कर मृतका के माता-पिता

बंगाल में केवल सत्ता परिवर्तन ही न्याय दिला सकता है: आरजी कर मृतका के माता-पिता
Modified Date: March 26, 2026 / 04:15 pm IST
Published Date: March 26, 2026 4:15 pm IST

(प्रदीप्त तापदार)

कोलकाता, 26 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के ‘कुशासन’ को केवल भारतीय जनता पार्टी ॰(भाजपा) ही समाप्त कर सकती है और उनकी बेटी के लिए न्याय के साथ-साथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। आरजी कर अस्पताल में जिस महिला चिकित्सक की हत्या कर दी गई थी, उसकी शोक संतप्त मां ने यह बात कही।

अगस्त 2024 में राज्य सरकार के आरजी कर अस्पताल के एक बंद सेमिनार कक्ष में 26 वर्षीय महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या कर दी गयी थी।

दिवंगत चिकित्सक की मां रत्ना देबनाथ को भाजपा ने उत्तर 24 परगना जिले के पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है, जिसे तृणमूल का गढ़ माना जाता है।

इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आक्रोश और महीनों तक अस्पताल परिसर व चिकित्सा संस्थानों में विरोध प्रदर्शन हुए।

महिला चिकित्सक के माता-पिता ने कहा कि अब उनका मानना ​​है कि सच्चाई के पूरी तरह सामने आने के लिए राजनीतिक परिवर्तन आवश्यक है।

परिजनों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा से जुड़कर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का उनका निर्णय न्याय के लिए उनकी निरंतर लड़ाई से प्रेरित है।

पिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “केवल भाजपा ही मेरी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित कर सकती है और राज्य की महिलाओं को सुरक्षा प्रदान कर सकती है।”

उन्होंने कहा, “हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि हम किसी को भी अपनी बच्ची की मौत पर राजनीति करने की अनुमति नहीं देंगे। लेकिन वामपंथियों ने विरोध प्रदर्शन के अलावा क्या किया?”

पिता ने कहा, “जिस तरह से उन्होंने (वाम दलों ने) पहले राज्य पर शासन किया और अब जिस तरह से वे अप्रत्यक्ष रूप से तृणमूल को सत्ता में बने रहने में मदद कर रहे हैं, हम यह जानना भी नहीं चाहते कि उनका उम्मीदवार कौन है जो हमारे खिलाफ चुनाव लड़ रहा है।”

उन्होंने कहा कि दंपति निर्वाचन क्षेत्र में साथ मिलकर प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं और मेरी पत्नी एक टीम हैं। हम दोनों पूरे निर्वाचन क्षेत्र में साथ-साथ घूमेंगे और तृणमूल के खिलाफ प्रचार करेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भवानीपुर में भी प्रचार करेंगे, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं, तो उन्होंने कहा, “अगर पार्टी चाहेगी, तो हम वहां भी प्रचार करेंगे ताकि उनकी हार सुनिश्चित हो सके।”

रत्ना देबनाथ ने कहा कि उन्हें पहले भी चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन उस समय वह राजनीति में आने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं।

उन्होंने कहा, “मुझे बहुत पहले तृणमूल और भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों से प्रस्ताव मिले थे लेकिन तब मैं मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। हाल में मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया क्योंकि मैं तृणमूल कांग्रेस के कुशासन को खत्म करना चाहती हूं।”

रत्ना ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं और उनकी सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए, मैंने व्यक्तिगत रूप से भाजपा उम्मीदवार बनने की इच्छा व्यक्त की और पार्टी नेतृत्व से इस बारे में चर्चा की।”

पनिहाटी से रत्ना की उम्मीदवारी आरजी कर अस्पताल की घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन, भड़के आक्रोश और भावनाओं को राजनीतिक रूप देने का प्रयास है, जिसने चिकित्सकों, विद्यार्थियों और नागरिक समाज के सदस्यों को महीनों तक न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया था।

रत्ना ने कहा, “अगर मैं जीतती हूं, तो पनिहाटी के लोग जीतेंगे। मैं उन लोगों के लिए आवाज उठाऊंगी जो विरोध करना भूल चुके हैं।”

उन्होंने कहा, “अगर मैं जनता की सेवा कर सकती हूं, तो मेरी बेटी भी खुश होगी। मैं चाहती हूं कि पश्चिम बंगाल में कमल खिले और तृणमूल जड़ से उखड़ जाए।”

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव


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