बिखरता विपक्ष, सरकार संसद में परिसीमन कानून पारित कराने के लिए नए सिरे से कर सकती है प्रयास

बिखरता विपक्ष, सरकार संसद में परिसीमन कानून पारित कराने के लिए नए सिरे से कर सकती है प्रयास

बिखरता विपक्ष, सरकार संसद में परिसीमन कानून पारित कराने के लिए नए सिरे से कर सकती है प्रयास
Modified Date: June 9, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: June 9, 2026 8:34 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के दो घटक दलों में बगावत और तीसरे दल के अलग होने के बाद 2029 के संसदीय चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा में सीट संख्या बढ़ाने से जुड़े परिसीमन विधेयक को नए सिरे से पेश करने की नरेन्द्र मोदी सरकार की उम्मीदें एक बार फिर से जग गई हैं।

जैसे-जैसे अधिक विपक्षी सांसद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ जुड़ रहे हैं, सरकार के सूत्रों ने संकेत दिया है कि संसद में परिसीमन विधेयक को फिर से आगे बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।

हालांकि, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में विफल हो गया था लेकिन परिसीमन विधेयक और विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए एक अन्य मसौदा विधेयक अब भी निचले सदन में लंबित है क्योंकि सरकार ने इन्हें अब तक वापस नहीं लिया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में फूट पड़ चुकी है और अधिकांश विधायक व सांसद केंद्र में सत्ताधारी दल का साथ दे रहे हैं।

तमिलनाडु में सत्ता गंवाने वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), दक्षिणी राज्य में नई तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को कांग्रेस के समर्थन से नाराज है।

कांग्रेस पर ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाने के बाद द्रमुक ने ‘इंडिया’ गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है।

सूत्रों ने संकेत दिया है कि भाजपा संसद में महत्वपूर्ण कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों पर तमिलनाडु की पार्टी से समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकती है।

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के 10 सांसदों में से सात भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे उच्च सदन में सत्तारूढ़ गठबंधन की संख्या बढ़ गई है।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 28 मई को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महिला आरक्षण संशोधन विधायक कानून को ‘ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा’ क्योंकि उन्होंने संकेत दिया कि यह 2029 के संसदीय चुनावों से पहले लागू हो जाएगा। कानून मंत्री ने यह भी कहा कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण घटनाएं होंगी।

उन्होंने जोर देकर कहा, “इसलिए, हम नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ज्यादा इंतजार नहीं करने देंगे। देश भी नारी शक्ति वंदन (महिला आरक्षण कानून) को ज्यादा इंतजार नहीं करवाना चाहता।”

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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