टिहरी गढ़वाल में दलित युवक की हत्या के बाद आक्रोश, परिवार ने अमानवीय यातनाएं देने का आरोप लगाया
टिहरी गढ़वाल में दलित युवक की हत्या के बाद आक्रोश, परिवार ने अमानवीय यातनाएं देने का आरोप लगाया
नयी टिहरी (उत्तराखंड), नौ जून (भाषा) उत्तराखंड के टिहरी जिले में संभवत: अंतर-जातीय प्रेम संबंध के कारण 18 वर्षीय दलित युवक की कथित तौर पर हुई हत्या के बाद, उसके पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे के नाखून उखाड़ने, पैरों में कीलें ठोकने और गुप्तांगों पर गंभीर चोट पहुंचाने समेत अमानवीय यातनाएं दी गई थीं।
मंगलवार को गुस्साए ग्रामीणों ने यहां स्थित बौराड़ी जिला अस्पताल का घेराव किया, जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई थी।
युवक के परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए उसका शव ले जाने से इनकार कर दिया और कहा कि सभी हमलावरों को गिरफ्तार किये जाने तक वे इसे नहीं ले जाएंगे।
इस बीच, उत्तराखंड सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए 8.25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित केतन लाल की पिछले छह महीने से प्रतापगढ़ ब्लॉक के खोलगढ़ गांव की एक लड़की से कथित तौर पर मित्रता थी।
रविवार रात लगभग 11 बजे लड़की ने केतन को फोन कर अपने गांव आने के लिए कहा। केतन अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ खोलगढ़ गया।
पुलिस ने बताया कि जब वे दोनों वहां पहुंचे, तो लड़की के परिवार के सदस्यों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और डंडों से उनकी पिटाई की। अस्पताल में इलाज के दौरान केतन की मौत हो गई।
परिवार का दावा है कि केतन को अत्यधिक शारीरिक यातनाएं दी गईं और उसकी पीठ, छाती व हाथ-पैर पर गहरी चोट के निशान हैं।
पुलिस ने दो मुख्य संदिग्धों — लड़की के पिता यशवीर सिंह और दादा विद्या सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित राय ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी।
मंगलवार को केतन के परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार करने में विफल रही है।
केतन के पिता धनपाल लाल संवाददाताओं से बातचीत के दौरान भावुक हो गए।
धनपाल लाल ने कहा, “मैं यहां से तब तक शव नहीं ले जाऊंगा, जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, चाहे इसमें चार दिन लगें या दस दिन। मैं एक गरीब आदमी हूं। मेरे पास वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटने के पैसे नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि मुझे यहीं न्याय मिले। तभी मैं अपने बेटे का शव ले जाऊंगा।”
उन्होंने कहा कि हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद है और अस्पताल में एकत्र सभी लोगों ने उसे देखा है।
पुलिस ने बताया कि केतन अनुसूचित जाति समुदाय से था और यशवीर सिंह की नाबालिग बेटी के साथ उसके प्रेम संबंध थे। दोनों पिछले छह महीने से फोन पर संपर्क में थे।
धनपाल लाल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ‘प्लास’ का इस्तेमाल करके उनके बेटे के हाथों व पैरों के नाखून उखाड़ दिए, उसके पैरों में कीलें ठोंक दीं और गुप्तांगों पर गंभीर चोटें पहुंचाईं।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन घनसाली की उप-जिलाधिकारी मंजू राजपूत को सौंपा, जिसमें निष्पक्ष जांच, न्याय और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की गई।
टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस दलों और फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
भाषा जोहेब सुभाष
सुभाष

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