मध्यस्थ की भूमिका के लिए पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं : इजराइली राजदूत
मध्यस्थ की भूमिका के लिए पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं : इजराइली राजदूत
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने क्षेत्रीय मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की संभावित भूमिका पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने भारत को आगाह करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष कट्टरपंथी ताकतों की उन रणनीतियों की ‘‘झलक’’ है, जिनका असर निकट भविष्य में उसके पड़ोस पर भी पड़ सकता है।
राजदूत ने ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ एक साक्षात्कार में इस धारणा को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए विश्वसनीय है।
पाकिस्तान को गैर भरोसेमंद बताते हुए, अजार ने कहा कि इसकी किसी भी भूमिका या भागीदारी के मामले में अमेरिका को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि वह किसी संभावित जाल या भ्रामक स्थिति में न फंस जाए।
पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका पर सवाल उठाते हुए अजार ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि वे भरोसेमंद हैं।’’
उन्होंने कहा कि जब कोई मध्यस्थ ‘‘किसी आतंकवादी संगठन के प्रति झुकाव रखता है’’ या ‘‘कट्टरपंथ को वैधता प्रदान करता है’’, तो स्थिति बेहद जटिल हो जाती है। अजार ने कहा कि ऐसे मामलों में अमेरिका को विशेष सावधानी बरतनी होगी ताकि वह न केवल विरोधी पक्ष द्वारा बिछाए गए जाल में, बल्कि मध्यस्थ द्वारा पैदा की गई भ्रामक परिस्थितियों में भी न फंस जाए।
राजदूत ने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी तत्वों और दक्षिण एशियाई क्षेत्र के बीच संबंध बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में हमास नेताओं के पाकिस्तान और बांग्लादेश के दौरों में वृद्धि हुई है, जो इस प्रवृत्ति की ओर संकेत करती है।
भारत के संदर्भ में अजार ने कहा कि इजराइल दुनिया का सबसे अधिक हमलों का सामना करने वाला देश है, इसलिए उसे जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, वे अक्सर अन्य क्षेत्रों के लिए भविष्य की चुनौतियों की एक ‘पूर्व झलक’ साबित होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इजराइल जिन खतरों का सामना आज कर रहा है, वे ऐसे हैं जैसे आपके पड़ोस के सिनेमाघर में जल्द प्रदर्शित होने वाली फिल्म का ट्रेलर।’’
भाषा आशीष सुभाष
सुभाष

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