नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत के समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने के लिए सोमवार को एक संसदीय समिति की बैठक होगी।
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसद की विभागीय स्थायी समिति ने बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिवों को इस चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि समिति के सदस्य ‘पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत के समुद्री व्यापार, जहाजरानी अवसंरचना और नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव’ के विषय पर चर्चा करेंगे।
इस साल 28 फरवरी को पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से भारत का समुद्री व्यापार, विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र, बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। भारत की ईंधन आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी और पश्चिम एशियाई देशों से आता था। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल कीमतों में भी उछाल आया है।
भाषा संतोष दिलीप
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