वायुसेना के युद्ध एवं रणनीति कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने युद्ध परीक्षण संगठन बनाने का सुझाव दिया
वायुसेना के युद्ध एवं रणनीति कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने युद्ध परीक्षण संगठन बनाने का सुझाव दिया
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) भारतीय वायुसेना के ‘वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रैटेजी प्रोग्राम’ (डब्ल्यूएएसपी) से जुड़े अधिकारियों के एक समूह ने सोमवार को एक अकादमिक शोध-पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें ‘नेशनल एयरोस्पेस बैटल इनोवेशन हब’ नामक एक युद्ध परीक्षण संगठन स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। इस संगठन का कार्य बहु-क्षेत्रीय अभियानों के लिए वायुसेना की संरचनाओं का डिजाइन तैयार करना, उनका परीक्षण, सत्यापन और परिष्करण करना होगा।
यह शोध-पत्र डब्ल्यूएएसपी के 10 प्रतिभागियों-नौ वायुसेना अधिकारियों और एक नौसैन्य अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था। इसे यहां आयोजित एक सत्र में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया। यह सत्र रक्षा थिंक-टैंक ‘सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज़’ (कैप्स) और कॉलेज ऑफ़ एयर वॉरफेयर (सीएडब्ल्यू) द्वारा आयोजित कैपस्टोन सेमिनार का हिस्सा था।
प्रस्तावित नेशनल एयरोस्पेस बैटल इनोवेशन हब (एनएबीएच) का उद्देश्य बहु-क्षेत्रीय क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए वायु शक्ति के प्रभावी प्रयोग के माध्यम से भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करने वाली एक संरचना के रूप में कार्य करना है। साथ ही, इसे नवाचार-आधारित बल संरचना विकसित करने के लिए एक मंच के रूप में भी प्रस्तावित किया गया है।
सीएपीएसएस ने बताया कि ‘वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रैटेजी प्रोग्राम’ एक रणनीतिक शिक्षा कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत 2022 में प्रतिभागियों को भूराजनीति, व्यापक रणनीति और समग्र राष्ट्रीय शक्ति की गहन समझ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
सीएपीएसएस के अनुसार, इस कार्यक्रम की परिकल्पना भारतीय वायुसेना द्वारा पेशेवर सैन्य शिक्षा के एक हिस्से के रूप में की गई थी।
भाषा आशीष नेत्रपाल
नेत्रपाल

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