तेलंगाना नगर निगम चुनाव में भाजपा के समर्थन में पवन कल्याण का प्रचार अभियान रद्द

तेलंगाना नगर निगम चुनाव में भाजपा के समर्थन में पवन कल्याण का प्रचार अभियान रद्द

तेलंगाना नगर निगम चुनाव में भाजपा के समर्थन में पवन कल्याण का प्रचार अभियान रद्द
Modified Date: February 7, 2026 / 12:25 pm IST
Published Date: February 7, 2026 12:25 pm IST

हैदराबाद, सात फरवरी (भाषा) तेलंगाना में 11 फरवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण द्वारा प्रस्तावित प्रचार अभियान रद्द कर दिया गया है।

भाजपा की तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि चुनाव प्रचार के लिए केवल दो दिन शेष बचे हैं और कार्यक्रम को लेकर कुछ समस्या आने के कारण कल्याण का राज्य का दौरा रद्द कर दिया गया।

भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने चार फरवरी को कहा था कि कल्याण नगर निगम चुनाव में भाजपा के समर्थन में प्रचार करने के लिए सहमत हो गए हैं।

हालांकि, कल्याण के चुनाव प्रचार के रद्द होने से यह अटकलें लगने लगीं कि इसका कारण पिछले साल दिसंबर में उनके उस बयान को लेकर हुआ विवाद हो सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘नारियल के पेड़ों से आच्छादित आंध्र प्रदेश के सुरम्य कोनासीमा क्षेत्र पर बुरी नजर पड़ना अविभाजित आंध्र प्रदेश के विभाजन के कारणों में से एक था।’’

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कल्याण की टिप्पणियां तेलंगाना के खिलाफ थीं और उनसे माफी मांगने की मांग की।

जन सेना ने कहा था कि कल्याण की टिप्पणियों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया।

तेलंगाना भाजपा के सूत्रों ने हालांकि इस अटकल को खारिज कर दिया कि विवाद के कारण कार्यक्रम रद्द किया गया है। सूत्रों ने बताया कि कल्याण की टिप्पणियों का तेलंगाना में कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।

कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ ने दो दिन पहले कहा था कि कल्याण एक ‘‘आंध्र नेता’’ हैं जिन्होंने पूर्व में तेलंगाना के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।

गौड़ ने कहा था कि तेलंगाना भाजपा के नेताओं ने कल्याण से मदद की ‘‘गुहार’’ लगाई थी क्योंकि पार्टी को राज्य में जनता का समर्थन प्राप्त नहीं था।

इस बीच, कल्याण की जन सेना ने भी तेलंगाना नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

भाषा सुरभि अमित

अमित


लेखक के बारे में