प्रधानमंत्री मोदी ने सदानंदन मास्टर के राज्यसभा में पहले भाषण की तारीफ की

प्रधानमंत्री मोदी ने सदानंदन मास्टर के राज्यसभा में पहले भाषण की तारीफ की

प्रधानमंत्री मोदी ने सदानंदन मास्टर के राज्यसभा में पहले भाषण की तारीफ की
Modified Date: February 7, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: February 7, 2026 2:36 pm IST

तिरुवनंतपुरम, सात फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के ऊपरी सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नामांकित सांसद सी. सदानंदन मास्टर के पहले भाषण की तारीफ करते हुए कहा कि यह उनकी ‘‘नैतिक ताकत और दृढ़ विश्वास’’ को दिखता है।

सांसद को लिखे एक पत्र में मोदी ने सदानंदन के हाल में दिए भाषण के दौरान अपनी बातों को ‘‘शांत और आत्मविश्वासी तरीके’’ से प्रस्तुत करने की भी तारीफ की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सदानंदन भले ही संसद में नए हों, ‘‘लेकिन आप अपने साथ देश प्रथम की विचारधारा के प्रति जीवन भर की सेवा और प्रतिबद्धता लेकर आए हैं।’’

मोदी ने सदानंदन को लिखे पत्र में कहा, ‘‘जब मैंने आपको बोलते हुए सुना, तो मुझे आपके शब्दों में नैतिक शक्ति और दृढ़ विश्वास दिखाई दिया।’’

सदानंदन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री की तारीफ के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने पोस्ट में प्रधानमंत्री के पत्र की तस्वीरें संलग्न करते हुए कहा, ‘‘सच में बहुत खुशकिस्मत हूं… राज्यसभा में मेरे पहले भाषण के लिए विश्व विख्यात श्री नरेन्द्र मोदी जी की तरफ से प्रशंसा पत्र मिला। देश और उसके नेता से मिली यह अनमोल हौसलाअफजाई मेरे मकसद और सेवा की भावना को बहुत ताकत देगी। मोदी जी, आपका शुक्रगुजार हूं।’’

मोदी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सदानंदन की हिम्मत के बारे में केरल में सब जानते थे, लेकिन जब उन्होंने ऊपरी सदन में अपने कृत्रिम अंग दिखाए, तो ‘‘इससे संसद में और पूरे भारत में लोग हैरान रह गए।’’

सदानंदन ने सोमवार को राज्यसभा में अपने पहले भाषण के दौरान अपने कृत्रिम पैर निकालकर दिखाए थे, जिस पर काफी हंगामा हुआ और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसकी कड़ी आलोचना की तथा इसे ‘‘नाटक’’ बताया।

उन्होंने आरोप लगाया था कि तीन दशक पहले माकपा कार्यकर्ताओं के हमले में उन्हें अपने दोनों पैर गंवाने पड़े थे।

अपने पत्र में इसी बात का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लोग यह पचा नहीं पा रहे थे कि हमारे जैसे जीवंत लोकतंत्र में एक मेहनती शिक्षक पर एक पिछड़ी सोच वाली विचारधारा के समर्थक इस तरह हमला कैसे कर सकते हैं। और आज, यह ध्यान देने वाली बात है कि वह पिछड़ी सोच वाली विचारधारा बहुत सिकुड़ गई है, जबकि आप गर्व से संसद में बैठे हैं।’’

मोदी ने यह भी कहा कि सदानंदन के भाषण में देशभक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका गर्व झलकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘केरल का विकास भी आपके दिल के उतना ही करीब है। मैं राज्य में मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर आपका गहरा दर्द महसूस कर सकता हूं। सच में, केरल के लोग यूडीएफ और एलडीएफ से थक चुके हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में केरल दौरे के दौरान उन्हें जो प्रतिक्रिया मिली, उससे पता चलता है कि राज्य के लोग ‘‘विकसित केरल की दूरदृष्टि की कितनी तारीफ कर रहे हैं।’’

उन्होंने अपने पत्र में कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप खुश होंगे कि हाल ही में पेश किए गए बजट और उसके प्रावधानों से केरल को कई क्षेत्रों में काफी फायदा होगा।’’

भाषा गोला संतोष

संतोष


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