हिमाचल में बेरोजगारी, खाली पदों, बागवानी को लेकर की गई ‘वादाखिलाफी’ पर जवाब दें प्रधानमंत्री: कांग्रेस |

हिमाचल में बेरोजगारी, खाली पदों, बागवानी को लेकर की गई ‘वादाखिलाफी’ पर जवाब दें प्रधानमंत्री: कांग्रेस

हिमाचल में बेरोजगारी, खाली पदों, बागवानी को लेकर की गई ‘वादाखिलाफी’ पर जवाब दें प्रधानमंत्री: कांग्रेस

: , September 23, 2022 / 04:11 PM IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से एक दिन पहले शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री को राज्य में बेरोजगारी की स्थिति, खाली पड़े पदों, राज्य पर 70 हजार करोड़ रुपये के कर्ज तथा किसानों एवं बागवानी करने वालों के साथ की गई ‘वादाखिलाफी’ पर जवाब देना चाहिए।

पार्टी के राज्य प्रभारी राजीव शुक्ला ने यह आरोप भी लगाया कि हिमाचल प्रदेश की सरकार ने प्रदेश की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री को गुमराह किया है तथा ‘युवा विजय संकल्प’ रैली एक मजाक है।

प्रधानमंत्री शनिवार को मंडी में ‘युवा विजय संकल्प रैली’ को संबोधित करेंगे। राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है।

शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री जी हिमाचल प्रदेश के मंडी में युवाओं की एक सभा कर रहे हैं। मोदी जी को हिमाचल प्रदेश की सरकार पूरी तरह से गुमराह कर रही है और एक युवा रैली करके मजाक बना रही है क्योंकि राज्य का युवा सबसे ज्यादा परेशान है।’’

उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश में करीब 5.20 लाख युवा बेरोजगार हैं और नौकरी के लिए तड़प रहे हैं, 67 हजार सरकारी पद खाली पड़े हैं तथा हिमाचल प्रदेश सरकार पर 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को रैली को संबोधित करने से पहले राज्य सरकार को फटकार लगानी चाहिए कि यह सब क्यों है। प्रधानमंत्री जी इसका जवाब दें कि हिमाचल प्रदेश पर 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज क्यों हैं, लाखों युवा बेरोजगार क्यों हैं और 67 हजार सरकारी पद खाली क्यों पड़े हैं?’’

शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयोग को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए कि किस तरह से सरकारी पैसे पर रैली हो रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री ने कुछ वादे हिमाचल प्रदेश की जनता से किए थे, लेकिन वो पूरे नहीं हुए। राज्य की जनता के साथ वादाखिलाफी की गई है।’’

उनका कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में अपनी पुरानी रैलियों में सेब बागानों के लिए कुछ वादे किए थे। यह भी कहा था कि कोल्डड्रिंक में पांच प्रतिशत तक फलों का जूस मिलाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बिना सोचे-समझे यह बात कही थी।’’

राठौर ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार के समय विश्व बैंक परियोजना के तहत 1134 करोड़ रुपये की बागवानी विकास परियोजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें सेब के बागानों का नवीनीकरण, नई नस्लें व उन्नत नर्सरी का निर्माण होना था, लेकिन जब से यह सरकार आई है इस पैसे को खर्च नहीं किया गया।’’

राठौर ने कहा, ‘‘1982-83 में फंगस से होने वाली बीमारी स्कैब ने हमारी 70 प्रतिशत सेब की फसलें बर्बाद कर दी। उस समय कांग्रेस सरकार ने किसानों को पेस्टीसाइड और फंगीसाइड पर सब्सिडी दी जो लगातार जारी थी, लेकिन उसे पिछले वर्ष बंद कर दिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को किसानों एवं बागवानों के साथ की गई वादाखिलाफी पर जवाब देना चाहिए।’’

भाषा हक

हक मनीषा

मनीषा

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)