श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे
Modified Date: March 16, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: March 16, 2026 5:59 pm IST

देहरादून, 16 मार्च (भाषा) उत्तराखंड में विश्व के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारे श्री हेमकुंड साहिब के कपाट इस साल 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन न्यास के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे के कपाट आगामी 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

मुलाकात के दौरान आगामी यात्रा व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गयी। बैठक में मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए स्थानीय प्रशासन को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में चमोली जिले में 15,200 फुट की ऊंचाई पर स्थित यह सिख तीर्थस्थल सर्दी में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की आगोश में रहता है, जिसके कारण हर साल अक्टूबर में इसके कपाट बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल मई में खुलते हैं। गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।

हेमकुंड साहिब सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की तपस्थली मानी जाती है। बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य हेमकुंड सरोवर के समीप श्री हेमकुंड गुरुद्वारा और लोकपाल तीर्थ स्थित है। यहां पहुंचने के लिए बदरीनाथ के निकट गोविंद घाट से पुलना गांव तक मोटर वाहन से तथा उसके आगे लगभग 17 किलोमीटर कठिन पैदल यात्रा करके पहुंचा जाता है ।

भाषा दीप्ति

जोहेब

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