पंजाब: संगरूर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में 44.41 प्रतिशत मतदान

पंजाब: संगरूर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में 44.41 प्रतिशत मतदान

: , June 24, 2022 / 12:59 PM IST

चंडीगढ़, 24 जून (भाषा) पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर शुक्रवार को सुबह जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उपचुनाव में 44.41 प्रतिशत मतदान हुआ।

बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ और देर शाम तक अनुमानित आंकड़े 37.01 प्रतिशत रहे। मतदान अधिकारियों ने पहले कहा था कि आंकड़ों के संकलित होने के बाद यह संख्या बढ़ सकती है।

2019 के लोकसभा चुनाव में संगरूर लोकसभा सीट पर 72.44 प्रतिशत मतदान हुआ था। निर्वाचन क्षेत्र के नौ विधानसभा क्षेत्रों में से अधिकतर में दिन भर कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।

इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर निर्वाचन आयोग से मतदान का समय शाम सात बजे तक बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि धान की बुवाई के मौसम के कारण कई लोग देर रात तक खेतों में काम कर रहे थे।

इसके बाद, निर्वाचन आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और संगरूर के उपायुक्त से यह पूछा कि उन्होंने मतदान के समापन के समय को बढ़ाने की मांग क्यों की।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि यह ‘‘चुनाव प्रक्रिया में अनुचित रूप से हस्तक्षेप करने और कुछ वर्ग के मतदाताओं को मतदान या समय विस्तार की प्रतीक्षा करने के लिए प्रभावित करने का प्रयास’’ था। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के इस तरह के आचरण की निंदा करता है।

इस साल की शुरुआत में राज्य विधानसभा चुनाव में विधायक चुने जाने के बाद लोकसभा से भगवंत मान के इस्तीफे के बाद संगरूर सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा था। मान ने 2014 और 2019 के संसदीय चुनावों में संगरूर सीट से जीत दर्ज की थी।

संगरूर संसदीय क्षेत्र में 15,69,240 पात्र मतदाता हैं जिनमें 8,30,056 पुरुष, 7,39,140 महिलाएं और 44 तीसरे लिंग के मतदाता हैं। तीन महिलाओं सहित सोलह उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) विधानसभा चुनावों में अपने प्रभावी प्रदर्शन के बाद लोकप्रियता की पहली परीक्षा का सामना कर रही है।

उपचुनाव ऐसे समय में हुआ है जब आप राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर विपक्ष के विरोध का सामना कर रही है।

मान ने व्यापक चुनाव प्रचार किया था और सोमवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ रोड शो भी किया था, जिसमें मतदाताओं से पार्टी के संगरूर जिले के प्रभारी गुरमेल सिंह की जीत सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया था।

कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा और मूसेवाला की हत्या का मुद्दा भी उठाया। विपक्षी दलों ने ‘‘अधूरे वादों’’ को लेकर आप सरकार की आलोचना भी की।

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने धूरी के पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने बरनाला के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को उम्मीदवार बनाया है, जो चार जून को पार्टी में शामिल हुए थे।

अकाली दल ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर को प्रत्याशी बनाया। शिअद (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान भी चुनाव मैदान में हैं।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा

 

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