पंजाब भाजपा नेता जगमोहन राजू ने पार्टी में कोई भी संगठनात्मक पद नहीं देने का अनुरोध किया

पंजाब भाजपा नेता जगमोहन राजू ने पार्टी में कोई भी संगठनात्मक पद नहीं देने का अनुरोध किया

Modified Date: June 7, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: June 7, 2026 8:38 pm IST

चंडीगढ़, सात जून (भाषा) पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता जगमोहन सिंह राजू ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन्हें पार्टी में कोई भी संगठनात्मक पद न दिया जाए क्योंकि उन्होंने राज्य के लिए अत्यंत दीर्घकालिक महत्व के कई मुद्दों पर अपना समय समर्पित करने की इच्छा जताई है।

राजू एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में राज्य भाजपा इकाई में महासचिव के पद पर हैं।

उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में अमृतसर पूर्व सीट से चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

यह घटनाक्रम केवल सिंह ढिल्लों को राज्य भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद पंजाब में भाजपा की राज्य इकाई के नए पदाधिकारियों की संभावित घोषणा से पहले आया है।

पंजाब विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 की शुरुआत में होने वाले हैं। भाजपा पहले ही कह चुकी है कि वह आगामी चुनावों में सभी 117 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी।

संगठन महासचिव मंत्री श्रीनिवासुलु को लिखे पत्र में राजू ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्हें पंजाब के उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में पार्टी की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पत्र की एक प्रति ढिल्लों को भी भेजी गई है।

उन्होंने कहा, ‘ये वर्ष मेरी राजनीतिक यात्रा के सबसे समृद्ध और सार्थक कालखंडों में से रहे हैं।’

उन्होंने लिखा, ‘अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ मैं अमृतसर के पवित्र शहर का दर्जा, पंजाब के युवाओं को शैक्षिक सहायता प्रदान करने, शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के शैक्षिक अधिकारों, अनुसूचित जाति और सिखों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, धर्मांतरण से संबंधित मुद्दों, मादक पदार्थों के खतरे और निषेध, पंजाबी भाषा की प्रमुखता और पानी व चंडीगढ़ सहित पंजाब के विरासत संबंधी मुद्दों सहित कई सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं।’

उन्होंने इन मुद्दों को ‘पंजाब और राष्ट्र के लिए अत्यधिक दीर्घकालिक महत्व के मुद्दे’ बताते हुए कहा कि वह अपना समय इन और इनसे संबंधित मुद्दों पर विस्तार से देना चाहते हैं।

राजू ने कहा, ‘मैं इन और इनसे संबंधित मुद्दों पर व्यापक जनसंपर्क, अनुसंधान, लेखन, कानूनी हस्तक्षेप और जन संपर्क कार्यक्रम चलाने का भी प्रस्ताव करता हूं।’

उन्होंने कहा कि वह कोई भी पूर्णकालिक संगठनात्मक जिम्मेदारी लेना पसंद नहीं करेंगे।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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