पंजाब : कांग्रेस का ‘आप’ सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन

पंजाब : कांग्रेस का ‘आप’ सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन

पंजाब : कांग्रेस का ‘आप’ सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन
Modified Date: September 18, 2024 / 12:04 am IST
Published Date: September 18, 2024 12:04 am IST

चंडीगढ़, 17 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की कथित खराब स्थिति के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने खन्ना में हाल ही में ‘आप’ नेता की हत्या का जिक्र करते हुए कहा, ‘पंजाब में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है, यहां तक ​​कि आम आदमी पार्टी के नेता भी नहीं।’

वडिंग ने अमृतसर के जंडियाला गुरु में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने भगवंत मान सरकार की ‘राज्य भर में बढ़ते अपराधों’ से निपटने में कथित विफलता के लिए निंदा करते हुए नारे लगाए।

वडिंग ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “पूरे पंजाब में कानून व्यवस्था से संबंधित कई घटनाएं प्रतिदिन सामने आती हैं।”

उन्होंने दावा किया, “राज्य में अपराध में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। पंजाबी अब अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं।”

उन्होंने फिरोजपुर में तीन सितंबर की घटना का उल्लेख किया, जिसमें तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वडिंग ने आप सरकार पर गैंगस्टर और अपराधियों को बेलगाम होने की अनुमति देने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप भय का माहौल है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया कि गिरोहों की ‘बढ़ती’ गतिविधियों, जबरन वसूली के कॉल और अन्य छोटे अपराधों ने पंजाब समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के हर गांव और कस्बे में लोग, खासकर महिलाएं, छीना-झपटी और डकैती की घटनाओं का सामना कर रही हैं। इसी तरह, शहरों में व्यवसाय समुदाय के लिए गैंगस्टरों से जबरन वसूली के कॉल आना एक नई सामान्य बात हो गई है।”

बाजवा ने कहा कि फिर भी पुलिस ऐसे अपराधों पर समय पर कार्रवाई करने के बारे में बिल्कुल भी चिंतित नहीं है।

बाजवा ने कहा कि किसी राज्य का गृह मंत्री कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होता है।

उन्होंने कहा कि हालांकि, गृह विभाग का प्रभार खने वाले मुख्यमंत्री इसमें ‘विफल’ रहे हैं।

भाषा अमित जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में