साइबर अपराध की तुरंत सूचना देने से त्वरित जांच संभव: गुजरात डीजीपी

साइबर अपराध की तुरंत सूचना देने से त्वरित जांच संभव: गुजरात डीजीपी

साइबर अपराध की तुरंत सूचना देने से त्वरित जांच संभव: गुजरात डीजीपी
Modified Date: March 2, 2026 / 05:45 pm IST
Published Date: March 2, 2026 5:45 pm IST

राजकोट, दो मार्च (भाषा) गुजरात के पुलिस महानिदेशक के. एल. एन. राव ने कहा है कि यदि साइबर अपराध की घटनाओं की तुरंत सूचना दी जाए, तो पुलिस समय पर कार्रवाई कर सकती है और इससे ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

राव ने अपराध के संदर्भ में रविवार को राजकोट में आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की और राज्य भर में साइबर अपराध की स्थिति, सड़क दुर्घटनाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग की समीक्षा की।

उन्होंने सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नागरिकों को उपलब्ध हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘साइबर अपराध के मामलों में यदि नागरिक घटना की तुरंत सूचना दें, तो त्वरित कार्रवाई की जा सकती है। ‘गोल्डन आवर’ के दौरान तुरंत कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण होता है।’’

राव ने कहा कि पुलिस को जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, वे (पुलिसकर्मी) उतनी ही तेजी से कार्रवाई शुरू कर सकेंगे, जिससे ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

पुलिस महानिदेशक ने गुजरात में हाल की बम धमकियों और इस संबंध में की जा रही साइबर जांचों पर कहा कि अपराध शाखा और ‘‘साइबर दक्षता केंद्र’’ के साथ अन्य विशेषज्ञ इकाइयां भी इन मामलों की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘चाहे फर्जी कॉल हों, साइबर धोखाधड़ी हो, फर्जी पहचान या संगठित डिजिटल घोटाले हों, हम इनके तौर-तरीकों की पहचान कर रहे हैं और कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।’’

राव ने बताया कि बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा भी एक प्रमुख मुद्दा रहा, जिसमें दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए निवारक रणनीतियों और इनके सख्त अनुपालन पर चर्चा हुई।

डीजीपी ने कहा, ‘‘हमने सड़क हादसों को कम करने के उपायों की समीक्षा की और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए समन्वित कदमों पर चर्चा की। सभी इकाइयों को व्यापक तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।’’

भाषा सुरेश माधव

माधव


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