राजस्थान : पटाखा गोदाम में आग लगने से आठ लोगों की मौत

राजस्थान : पटाखा गोदाम में आग लगने से आठ लोगों की मौत

राजस्थान : पटाखा गोदाम में आग लगने से आठ लोगों की मौत
Modified Date: June 9, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: June 9, 2026 9:19 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

जयपुर, नौ जून (भाषा) राजस्थान की राजधानी जयपुर के खो-नागोरियन क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक कथित अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट के बाद आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आग आयशा नगर तलाई कॉलोनी स्थित मकान में लगी, जहां पटाखों का भंडारण किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।

जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि पांच लोगों ने सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया और दो अन्य व्यक्ति की मौत निजी अस्पताल में हुई।

पुलिस के मुताबिक, आठ मृतकों में से सात की शिनाख्त समीर, आजिम, नासिर, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य की पहचान के प्रयास जारी हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में हुई, जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान से आग की लपटों से घिरे मजदूर निकले, जिनमें से कुछ सड़क पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के प्रयास में स्थानीय लोगों ने इन मजदूरों पर मोटा कपड़ा और पानी डाला, जिसके बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

जयपुर के जिलाधिकारी संदेश नायक ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग मकान में रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण लगी होगी।

उन्होंने बताया, “मकान में कुछ ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। आग लगने का सही कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।”

जयपुर के पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में स्थित मकान का अवैध रूप से गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया यह गोदाम प्रतीत होता है। विस्तृत जांच से ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।”

मित्तल के अनुसार, फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि मकान में रखी सामग्री पटाखे थी या नहीं। उन्होंने कहा कि मकान मालिक सहित सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किशनपोल से विधायक अमीन कागजी घटना के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी खतरनाक सुविधा आवासीय क्षेत्र में कैसे संचालित हो रही थी।

कागजी ने कहा, “क्या पुलिस को जानकारी नहीं थी कि आवासीय क्षेत्र में बारूद और पटाखों की फैक्टरी संचालित की जा रही है। लोग खुलकर बोल नहीं रहे हैं। अब तक स्वामित्व और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिले हैं।”

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि आग लगने से पहले विस्फोट की आवाज सुनाई दी थी।

उसने कहा, “हमने पानी का टैंकर मंगवाया और पाइप से आग बुझाते हुए अंदर जाने की कोशिश की। हम तीन-चार लोगों को बाहर निकालने में सफल रहे। बाद में उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।”

गोदाम के पास रहने वाले एक अन्य व्यक्ति लियाकत ने बताया कि आग लगने से ठीक पहले सिलेंडर में विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी थी और कुछ ही पल में लपटों ने पूरे परिसर को घेर लिया।

लियाकत ने बताया कि मलबे से एक पटाखा ब्रांड का लेबल बरामद हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि मकान के अंदर बड़ी मात्रा में पटाखे मौजूद थे।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट युगांतर शर्मा ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल, एंबुलेंस, पुलिस दल और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो आग लगने के कारणों की जांच करेगी और जिम्मेदारी तय करेगी।

शर्मा ने कहा, “गोदाम मालिक और इसके संचालन से जुड़ी जानकारी अभी सत्यापित की जा रही है।” उन्होंने कहा, खो-नागोरियन क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना में जनहानि की खबर बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे पर गहरी संवेदना जाहिर की।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटने, घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश जारी किए गए हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और अन्य नेताओं ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया।

यह राजस्थान में चार महीने के भीतर अपनी तरह की दूसरी बड़ी दुर्घटना है। फरवरी में अलवर जिले के भिवाड़ी कस्बे में अवैध पटाखा फैक्टरी में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई थी।

भाषा बाकोलिया

धीरज

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