राजस्थान: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हत्या, साथी कैदी ने तौलिये से घोंटा गला

राजस्थान: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हत्या, साथी कैदी ने तौलिये से घोंटा गला

राजस्थान: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हत्या, साथी कैदी ने तौलिये से घोंटा गला
Modified Date: June 29, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: June 29, 2026 8:50 pm IST

जयपुर, 29 जून (भाषा) राजस्थान के अजमेर में उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की एक अन्य कैदी ने सोमवार को मामूली विवाद में गला घोंट कर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।

अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने ‘पीटीआई—भाषा’ को बताया, “जांच में सामने आया कि जेल के अंदर मामूली बात को लेकर हुए झगड़ा में विष्णु नाम के कैदी ने जगन की हत्या कर दी। आरोपी विष्णु और जगन के साथ उसी बैरक में रह रहा था।”

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान विष्णु ने स्वीकार किया कि उसने तौलिये से गला घोंटकर जगन की हत्या की।

अधिकारी ने बताया कि यह घटना पू्र्वाह्न करीब 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच हुई और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

जेल के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों को पूर्वाह्न 11 बजे बैरक में बंद किया गया था और जब अपराह्न करीब तीन बजे एक प्रहरी बैरक में पहुंचा तो जगन मृत मिला। उसके शरीर पर चोट का कोई स्पष्ट निशान नहीं था।”

अधिकारी ने बताया कि विष्णु पिछले तीन साल से इस जेल में बंद है जबकि जगन को इसी वर्ष मार्च में ही इस जेल में स्थानांतरित किया गया था।

घटना के बाद फॉरेंसिक की एक टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए जेल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखवाया गया है।

धौलपुर जिले का निवासी जगन विभिन्न थानों में दर्ज करीब 100 आपराधिक मामलों में आरोपी था।

जगन ने वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित आवास को बम से उड़ाने की कथित धमकी देकर सुर्खियां बटोरी थीं।

इसके बाद वर्ष 2009 में उसने कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया था।

जून 2019 में दो महिलाओं के साथ मारपीट और उनके कपड़े फाड़ने के आरोप में जगन को गिरफ्तार किया गया था तथा उस समय उसे पकड़ने के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों को अभियान में लगाया गया था।

फरवरी 2022 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा को जान से मारने की धमकी देने के एक अन्य मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था। जगन गुर्जर ने वर्ष 1994 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए लेकिन पहली बार वर्ष 2001 में उसकी गिरफ्तारी हुई।

इसके बाद वह कई बार गिरफ्तार हुआ और कई बार जमानत पर रिहा भी हुआ। वह राजस्थान और मध्य प्रदेश के चंबल के बीहड़ों में सक्रिय रहा था।

पुलिस के अनुसार, जगन की तीन पत्नियां थीं, जिनमें से एक पत्नी उसकी आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल थी और कुछ वर्ष पहले मध्यप्रदेश में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गई थी।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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