राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : नकदी गिनने वाले कर्मियों को बदलना चाहता था बैंक

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : नकदी गिनने वाले कर्मियों को बदलना चाहता था बैंक

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : नकदी गिनने वाले कर्मियों को बदलना चाहता था बैंक
Modified Date: June 29, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: June 29, 2026 10:39 pm IST

अयोध्या (उप्र), 29 जून (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के बीच दावा किया जा रहा है कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तीन महीने पहले इस मंदिर में नकदी गिनने वाले कर्मचारियों को बदलना चाहता था लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी थी।

एसबीआई के भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि बैंक तीन महीने पहले राम मंदिर में नकदी गिनने वाले कर्मचारियों को बदलना चाहता था जिन्हें बैंक ने एक निजी कम्पनी के जरिये नियुक्त किया था, मगर ट्रस्ट के सदस्यों ने बैंक को उन्हें बदलने की इजाजत नहीं दी।

सूत्रों ने बताया कि बैंक ने इन कर्मचारियों को 12 हजार से 15 हजार रुपये की मामूली तनख्वाह पर रखा था।

उन्होंने बताया कि एसबीआई तीन महीने पहले ही चोरी का शक होने पर राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों को हटाना चाहता था और उस वक्त तक मंदिर में दिये गये चढ़ावे की चोरी का मामला सामने नहीं आया था।

सूत्रों ने बताया कि बैंक को लगभग तीन महीने पहले मंदिर की दान पेटियों से धन निकाले जाने का शक हुआ था, तब उसने दान की रकम गिनती की ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘आउटसोर्सिंग एजेंसी’ उन कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी कर रही थी लेकिन ट्रस्ट के अधिकारियों ने कथित तौर पर कर्मचारियों का बचाव किया और उन्हें नौकरी से निकाले जाने से बचा लिया।

सूत्रों ने बताया कि वैसे मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों (जो मंदिर ट्रस्ट से जुड़े नहीं हैं) ने कई बार यह सवाल उठाया था कि बैंक ने रकम गिनने की जिम्मेदारी अपने स्थायी कर्मचारियों को क्यों नहीं दी और इसके बजाय उसने यह काम करने के लिये बेहद मामूली वेतन पर आउटसोर्स कर्मचारियों को क्यों रखा।

राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी के आरोपों की विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) द्वारा शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद 25 जून को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी । आठ आरोपियों– अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव – को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि टिन्नू यादव ने अपने रिश्तेदार और सह-आरोपी मनीष कुमार यादव को मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने वाली इकाई में काम पर रखा था।

सूत्रों के मुताबिक, अब तक आठ में से छह आरोपियों से लगभग 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।

भाषा सं. सलीम राजकुमार

राजकुमार


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