जयपुर के जगतपुरा में सड़क चौड़ीकरण: मलबा हटाने तक लोगों की आवाजाही पर रोक

जयपुर के जगतपुरा में सड़क चौड़ीकरण: मलबा हटाने तक लोगों की आवाजाही पर रोक

जयपुर के जगतपुरा में सड़क चौड़ीकरण: मलबा हटाने तक लोगों की आवाजाही पर रोक
Modified Date: June 9, 2026 / 05:02 pm IST
Published Date: June 9, 2026 5:02 pm IST

जयपुर, नौ जून (भाषा) राजस्थान की राजधानी जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में सोमवार को सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों को हटाए जाने के बाद मंगलवार को भी बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक रही।

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की थी। मंगलवार को मलबा हटाने का काम जारी रहा, ताकि रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को 80 फीट चौड़ा किया जा सके।

कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थल एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार हटाई गई थीं। अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गई थीं, जिन्हें सोमवार रात बहाल कर दिया गया।

जेडीए प्रवर्तन इकाई के एक अधिकारी ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है और तब तक इलाके में आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। केवल स्थानीय निवासियों को पहचान पत्र दिखाने पर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। बाहरी लोगों को क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा।

स्थल पर जेसीबी मशीनें और डंपर तैनात किए गए हैं। पुलिसकर्मी भी जेडीए की मदद और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद हैं।

अधिकारी ने बताया कि शाम तक मलबा हटाने का काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद सड़क पर सामान्य आवाजाही बहाल कर दी जाएगी।

हालांकि, इंटरनेट सेवाओं के अस्थायी निलंबन से उन व्यवसायों को नुकसान हुआ जो ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं।

कैब चालक विकास सोनी ने बताया कि इंटरनेट बंद रहने से उसकी कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई। उन्होंने कहा, “पूरे दिन एक भी ऑनलाइन बुकिंग नहीं मिली।”

राजापार्क क्षेत्र में भोजनालय चलाने वाले जितेंद्र कुमार ने कहा कि अधिकांश ग्राहक अब ऑनलाइन भुगतान करते हैं। इंटरनेट बंद रहने से बिक्री पर सीधा असर पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘कल का कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में केवल 20 प्रतिशत ही रहा। नकद भुगतान करने वाले ग्राहक बहुत कम थे।”

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं, जिससे कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल भुगतान सेवाएं फिर से सामान्य रूप से चलने लगीं।

भाषा बाकोलिया धीरज

धीरज


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