आरएसएस ‘भेड़ की खाल में छिपा भेड़िया’, राम मंदिर मामले पर उसकी ‘क्लीन चिट’ शर्मनाक: कांग्रेस

आरएसएस ‘भेड़ की खाल में छिपा भेड़िया’, राम मंदिर मामले पर उसकी ‘क्लीन चिट’ शर्मनाक: कांग्रेस

आरएसएस ‘भेड़ की खाल में छिपा भेड़िया’, राम मंदिर मामले पर उसकी ‘क्लीन चिट’ शर्मनाक: कांग्रेस
Modified Date: July 3, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: July 3, 2026 7:40 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा आरोपियों को ‘‘क्लीन चिट दिया जाना’’ शर्मनाक है, जबकि इस पूरे मामले में इसी ‘‘धोखेबाज संगठन’’ से जुड़े लोग शामिल हैं।

मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि आरएसएस ‘‘भेड़ की खाल में छिपे भेड़िए’ की तरह है और सिर्फ अपनी छवि बचाने की कोशिश में ‘‘दिखावटी’’ प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आरएसएस द्वारा दी गई क्लीन चिट शर्मनाक और निंदनीय है। सच्चाई यह है कि इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी की गई है। यह एक धोखेबाज़ संगठन है।’’

बाद में, उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘आरएसएस ने बेशर्मी से यह कहते हुए राम मंदिर ट्रस्ट को क्लीन चिट देने की जल्दबाजी दिखाई कि एसआईटी का गठन ट्रस्ट के अनुरोध पर किया गया था। उसने ट्रस्ट के प्रबंधन और उसके भविष्य के कामकाज पर भी पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। इतनी बड़ी चोरी के बावजूद जिस तरह आरएसएस ट्रस्ट का बचाव कर रहा है, वह न केवल शर्मनाक है, बल्कि उसकी वास्तविक प्राथमिकताओं को भी उजागर करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘करोड़ों रामभक्तों के साथ खड़े होने के बजाय, वह अपने लोगों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देता है, चाहे उनके खिलाफ लगे आरोप कितने ही गंभीर क्यों न हों।’’

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आरएसएस की ओर से व्यक्त की गई नाराजगी वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय अपनी छवि को ‘‘साफ-सुथरा’’ दिखाने का प्रयास है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आरएसएस भेड़ की खाल में छिपा हुआ भेड़िया है। दत्तात्रेय होसबाले की दिखावटी निंदा राम मंदिर ट्रस्ट की लूट को उजागर करने के लिए नहीं है। यह आरएसएस पर लगे दाग को धोने और छवि को बचाने के लिए किया जा रहा प्रयास है।’’

खेड़ा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही कर दिया गया था और उसने मामले की संवेदनशीलता के बावजूद अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।

उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया ‘‘बड़े लोगों को बचाने और कुछ लोगों को बलि का बकरा बनाने’’ के लिए तैयार की गई है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे की कथित लूट से देशभर के हिंदुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है और इस मामले में आरएसएस की अचानक प्रतिक्रिया ‘‘जले पर नमक छिड़कने’’ जैसी है।

उन्होंने कहा कि यदि आरएसएस वास्तव में श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा के प्रति गंभीर होता, तो उसके प्रत्यक्ष संरक्षण और निगरानी में चल रहे मंदिर में इतने बड़े पैमाने पर गबन नहीं हो सकता था।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि आरएसएस के लिए ‘‘धर्म सिर्फ लूट का एक पेशा’’ है।

आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना ने पूरे समाज की भावनाओं और आस्था को ‘‘गहरी ठेस’’ पहुंचाई है।

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

होसबाले ने दावा किया कि ‘‘हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें’’ इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं।

उन्होंने पूरे हिंदू समाज से भी अपील की कि वह ‘‘इस कठिन समय’’ में धैर्य और संयम बनाए रखे ताकि इस तरह की सभी ‘‘साजिशों’’ को विफल किया जा सके।

भाषा हक हक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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