सचिन पायलट ने भाजपा-माकपा में गठजोड़ का आरोप लगाया, मोदी और विजयन को ‘एक’ बताया
सचिन पायलट ने भाजपा-माकपा में गठजोड़ का आरोप लगाया, मोदी और विजयन को ‘एक’ बताया
कोच्चि, 26 मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक रणनीति एक जैसी है और आरोप लगाया कि दोनों ही राजनेता ‘अलग नहीं बल्कि एक ही हैं’।
पायलट ने यह भी दावा किया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं द्वारा कांग्रेस नेताओं पर किए गए हमले प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुश करने के लिए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केरल में माकपा और भाजपा के बीच समझौते का आरोप लगाया था।
विजयन ने जवाब में राहुल गांधी पर हमला करते हुए दावा किया कि उनमें स्थानीय नेता जैसी भी राजनीतिक समझ नहीं है।
पायलट ने कोच्चि में एक प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजयन भाजपा की आलोचना तक नहीं करते जबकि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को बार-बार निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “माकपा, केंद्र की पेट्रोलियम और विदेश नीतियों के खिलाफ कुछ नहीं कह रही है। यहां तक कि एलपीजी की कमी के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री केंद्र की आलोचना करने से हिचकिचा रहे हैं। मोदी और विजयन ‘एक’ ही हैं, उनमें कोई अंतर नहीं है।”
कांग्रेस महासचिव ने प्रचार के तरीकों में भी समानताएं बताईं और कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री पोस्टरों में सिर्फ अपनी तस्वीर का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह मुख्यमंत्री भी करते हैं।
पायलट ने दावा किया कि पिछले दो कार्यकालों में विजयन को वोट देने वाले लोग अब निराश हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल की 95 प्रतिशत निधि का इस्तेमाल ब्याज का भुगतान व ऋण चुकाने में हो रहा है और राज्य सरकार पिछले दस वर्षों में कोई भी बड़ा उद्योग स्थापित करने में विफल रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सत्ता में आता है, तो वह अपने पांच वादों को शीघ्रता से लागू करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का चयन विधायकों और पार्टी नेतृत्व के बीच परामर्श के बाद किया जाएगा।
पायलट ने भाजपा से सवाल किया कि क्या केंद्र ने कभी माकपा के बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगाई है या पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है?
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने कांग्रेस नेताओं से पूछताछ की है, वहीं उन्होंने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे माकपा नेताओं से पूछताछ तक नहीं की है।
पायलट ने कहा,“यह भाजपा-माकपा के बीच हुए समझौते का सबसे बड़ा उदाहरण है। भाजपा, माकपा के भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण दे रही है।”
उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा, जिसने “कांग्रेस-मुक्त भारत” की घोषणा की, उसने “माकपा-मुक्त केरल” का आह्वान क्यों नहीं किया?
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष

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