सत्येंद्र जैन का अदालत से अनुरोध, मीडिया को जेल के अंदर के फुटेज प्रसारित करने से रोका जाए |

सत्येंद्र जैन का अदालत से अनुरोध, मीडिया को जेल के अंदर के फुटेज प्रसारित करने से रोका जाए

सत्येंद्र जैन का अदालत से अनुरोध, मीडिया को जेल के अंदर के फुटेज प्रसारित करने से रोका जाए

: , November 29, 2022 / 07:52 PM IST

नयी दिल्ली, 23 नवंबर (भाषा) जेल के अंदर विशेष सुविधाएं पाने से संबंधित लीक वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद विवादों में घिरे दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को यहां की एक अदालत से अनुरोध किया कि मीडिया को उनकी जेल की कोठरी के अंदर के फुटेज प्रसारित करने से रोका जाए।

विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने जैन की याचिका पर तिहाड़ जेल के अधिकारियों को नोटिस जारी किया और उनसे मामले में कल तक जवाब देने को कहा जब अदालत इस मामले को सुनेगी।

जैन ने अदालत को बताया कि जेल से उनके वीडियो लीक होने पर मंगलवार को सुनवाई के बावजूद आज सुबह एक और वीडियो क्लिपिंग लीक हो गई।

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को अदालत के समक्ष पुष्टि की थी कि जैन के वीडियो को लीक करने में उसकी कोई भूमिका नहीं है, जिसमें वह वीडियो भी शामिल है जिसमें आप नेता दुष्कर्म के आरोपी एक कैदी द्वारा जेल की कोठरी के अंदर मालिश कराते हुए नजर आ रहे हैं।

जेल में बंद मंत्री का नया वीडियो बुधवार को फिर सामने आया जिसमें वह तिहाड़ जेल की कोठरी में सलाद और फल खाते नजर आ रहे हैं।

वीडियो तब सामने आए जब उन्होंने कुछ दिनों पहले शहर की एक अदालत में आरोप लगाया कि उन्हें उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कच्चा भोजन नहीं दिया जा रहा है।

जैन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अदालत को बताया, “उन्होंने एक विशेष दिन और विशेष समय लिया है और दिखाया है कि जेल में कुछ बड़ा चल रहा है। कृपया सब कुछ की जांच करें। हम भाग नहीं रहे हैं। आज एक जारी हुआ, कल कुछ और जारी होगा।”

अदालत ने इससे पहले ईडी और जैन की कानूनी टीम को इस संबंध में हलफनामे और वीडियो की कोई सामग्री लीक नहीं करने का आदेश दिया था और मामले में उनसे शपथपत्र लिया था।

अदालत ने हालांकि मीडिया पर कोई प्रतिबंध लगाने या कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया था।

अदालत सोमवार को जैन द्वारा दायर एक अन्य आवेदन पर भी विचार करने वाली है जिसमें ईडी के खिलाफ कथित रूप से वीडियो फुटेज मीडिया में लीक करने के लिए अवमानना कार्यवाही की मांग की गई है।

याचिका दायर करने से पहले मेहरा ने बुधवार को अदालत से मौखिक रूप से मीडिया को निर्देश देने का आग्रह किया कि वह जैन की जेल की कोठरी से कोई वीडियो प्रसारित न करें।

अदालत ने हालांकि कहा कि इस तरह की प्रार्थना करने के लिए अदालत के समक्ष कोई आवेदन नहीं किया गया।

इसके बाद बचाव पक्ष के वकील ने अर्जी दाखिल की जिसमें मीडिया को संयम बरतने का निर्देश देने और मामले की जांच की मांग की गई है।

अदालत जैन की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें जेल अधिकारियों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि न्यायिक हिरासत में जैन का 28 किलो वजन कम हुआ है और उनमें प्रोटीन की कमी है।

वकील ने कहा, “पूर्व में उनका वजन जहां 103 किलोग्राम था, अब वह करीब 75 किलोग्राम है।”

अदालत ने तब कहा कि राजनेता क्योंकि अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उपवास कर रहे थे, इसलिए वजन कम होना स्वाभाविक था।

तिहाड़ की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन के खिलाफ आरोप बेबुनियाद हैं और उन्होंने आहार विशेषज्ञ की रिपोर्ट और आरोपी को दिए जा रहे भोजन सहित विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय और मांगा।

अदालत ने जेल प्रशासन को सोमवार तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

अदालत ने जैन की याचिका पर मंगलवार को जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। याचिका में दावा किया गया था कि मंत्री जैन धर्म के नियमों का सख्ती से पालन करते हैं, लेकिन जेल में उन्हें उनकी धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से सामान्य भोजन नहीं दिया जा रहा है।

ईडी ने पहले जमानत पर सुनवाई के दौरान जैन पर जेल के अंदर विशेष सुविधाएं प्राप्त करने का आरोप लगाया था।

जेल में जैन को विशेष सुविधाएं प्रदान करने में कथित संलिप्तता के लिए तिहाड़ जेल अधीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया था।

अदालत ने 17 नवंबर को मामले में जैन और दो अन्य की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

सीबीआई द्वारा 2017 में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें एक मामला दायर कर गिरफ्तार किया था। जैन के खिलाफ कथित तौर पर उनसे जुड़ी चार कंपनियों के जरिये धन शोधन करने का आरोप है।

भाषा

प्रशांत मनीषा

मनीषा

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)