एलपीजी की कमी से भोजनालयों का कारोबार प्रभावित, कोयले की कीमतों में उछाल
एलपीजी की कमी से भोजनालयों का कारोबार प्रभावित, कोयले की कीमतों में उछाल
नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) रसोई गैस सिलेंडरों की कमी के कारण भोजनालयों ने अपने मेन्यू में कटौती की है, खाने की चीजों की कीमतें बढ़ा दी हैं और कई रेस्तरां अब इस संकट से निपटने के लिए कोयले का सहारा ले रहे हैं।
इस बीच, खाड़ी देशों से एलपीजी सिलेंडर लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज शनिवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए।
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर रवाना हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन जहाजों में 92,700 टन एलपीजी है।
सिन्हा ने बताया कि ‘शिवालिक’ के 16 मार्च को मुंद्रा पहुंचने और ‘नंदा देवी’ के अगले दिन यानी 17 मार्च को कांडला पहुंचने की संभावना है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को प्रभावित किया है क्योंकि ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है।
राजधानी के रेस्तराओं में अब बड़े कॉरपोरेट समारोहों और सामूहिक पार्टियों का आयोजन कम हो गया है। इतना ही नहीं एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण रेस्तरां अपने मेन्यू और बुकिंग में कटौती भी कर रहे हैं।
कनॉट प्लेस के रेस्तरां मालिकों का कहना है कि बड़े समारोहों के लिए खाना बनाने में काफी गैस की खपत होती है, जिसकी वजह से कई प्रतिष्ठानों ने अस्थायी रूप से बड़ी पार्टियों की बुकिंग रोक दी है और नियमित ग्राहकों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
‘फ्लेवर्स ऑफ चाइना’ नाम के रेस्तरां की मालिक परमजीत कौर ने बताया कि एलपीजी की खपत को नियंत्रित करने के लिए रेस्तरां ने कुछ व्यंजनों में कटौती की है और सामूहिक बुकिंग सीमित कर दी है।
उन्होंने कहा, “हमें स्थिति से निपटने के लिए कुछ बदलाव करने पड़े हैं। उदाहरण के लिए, हम फिलहाल ‘सिजलर’ नहीं परोस रहे हैं क्योंकि इसके लिए लगातार और तेज आंच की आवश्यकता होती है। हमने अपने मेन्यू में भी कटौती की है और केवल उन बुनियादी व्यंजनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिन्हें कम गैस खपत के साथ तैयार किया जा सकता है।”
शहर के अधिकारियों ने जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एलपीजी की अनियमित आपूर्ति को लेकर व्याप्त चिंताओं के बीच दिल्ली पुलिस ने शहर भर के एलपीजी गोदामों और वितरण केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारियों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया है और वे गैस वितरकों के साथ बैठकें कर रहे हैं, जिसमें कालाबाजारी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह कार्रवाई शहर में बढ़ती चिंता के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की नियमित छुट्टी रद्द किए जाने के एक दिन बाद की गई।
कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 316 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए।
राज्य प्रशासन ने बताया कि कोलार जिले के केजीएफ में गैस की एक एजेंसी के खिलाफ अवैध रूप से गैस सिलेंडर भरने का मामला दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने खाना पकाने की गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए चलाए गए अभियान में यहां 1,483 स्थानों पर छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया।
यह छापेमारी शुक्रवार को की गई, जिसके परिणामस्वरूप 24 प्राथमिकियां दर्ज की गईं।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता और कई जिलों में एलपीजी वितरण केंद्रों पर शनिवार को लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, एलपीजी सिलेंडरों की कथित जमाखोरी और हेराफेरी को रोकने के लिए अधिकारियों ने राज्य भर में निरीक्षण तेज कर दिया है।
उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस की प्रवर्तन शाखा (ईबी) ने भंडारण की स्थिति को सत्यापित करने के लिए लेक गार्डन और जोधपुर पार्क सहित कम से कम 25 केंद्रों का निरीक्षण किया।
कमारहाटी नगरपालिका के पार्षद बिमल साहा को कतार में खड़े लोगों को गोबर के उपले वितरित करते देखा गया।
उन्होंने इसे सिलेंडरों की कमी के विरोध में प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।
कथित एलपीजी आपूर्ति व्यवधान ने कोलकाता में अस्पतालों की रसोई को प्रभावित करना भी शुरू कर दिया है, जिससे कई सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों को मरीजों के भोजन को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए आकस्मिक उपाय अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इस बीच, हावड़ा जिला स्थित बेलूर मठ बायोगैस और सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करते हुए हजारों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोग वितरित कर रहा है।
रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय बेलूर मठ स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से प्रेरित सामुदायिक सेवा की अपनी दीर्घकालिक परंपरा के अंतर्गत प्रतिदिन बड़ी संख्या में आगंतुकों, श्रद्धालुओं और निवासियों को भोजन परोसता है।
मठ के एक पदाधिकारी ने बताया कि अपने स्वयं के वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों का उपयोग करके यह सेवा आज तक निर्बाध रूप से जारी है।
पदाधिकारी ने कहा, “चूंकि हम खाना पकाने के लिए पूरी तरह से एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर नहीं हैं, इसलिए हम श्रद्धालुओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सेवा को निर्बाध रूप से निभा पा रहे हैं। हमने अन्य ऊर्जा संसाधनों का पूरी तरह से उपयोग किया है।’’
तमिलनाडु के चेन्नई और कुछ हिस्सों में होटलों तथा रेस्तराओं ने कारोबार जारी रखने के लिए वैकल्पिक तरीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
शहर के एक लोकप्रिय रेस्तरां के वरिष्ठ पदाधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमने इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। हमारी अधिकतर शाखाएं अब इस सुविधा का उपयोग कर रही हैं, क्योंकि हमारे पास इंडक्शन स्टोव पर खाना बनाने के लिए पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं।”
वहीं, ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (कैट) ने शनिवार को मध्यप्रदेश प्रशासन से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की सीमित आपूर्ति को तत्काल बहाल करने का आग्रह किया ताकि भोपाल में होटल और खाद्य सेवा क्षेत्र को पूरी तरह से बंद होने से रोका जा सके।
व्यापारियों के संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर कुछ दिनों के भीतर आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो राज्य की राजधानी में पूरा आतिथ्य और खाद्य सेवा क्षेत्र बंद हो सकता है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है और खाद्य आपूर्ति बाधित हो सकती है।
केरल में गैस की कमी के कारण प्रवासी कामगार अपने पैतृक स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं क्योंकि ईद नजदीक आ रही है और पश्चिम बंगाल व असम में चुनाव होने वाला है।
तमिलनाडु सरकार ने ‘इलेक्ट्रिक स्टोव’ अपनाने वाले रेस्तराओं, होटल और चाय की दुकानों के लिए बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी की घोषणा की है।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने कहा, “यह सब्सिडी तब तक लागू रहेगी जब तक केंद्र द्वारा घोषित व्यावसायिक एलपीजी उपयोग प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे।”
इस बीच, राजस्थान में कोयले की मांग में भारी उछाल आया है और कई ढाबे व छोटे भोजनालय पारंपरिक कोयले से चलने वाले भट्टों का इस्तेमाल करने लगे हैं।
शहर के कोयला व्यापारी दीपक खंडेलवाल ने कहा, “व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण पिछले तीन-चार दिन में मांग में निश्चित रूप से वृद्धि हुई है। शहर के ढाबे और रेस्तरां इस समय मुख्य खरीदार हैं।”
इस बीच, गुजरात पुलिस ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर जमाखोरों और कालाबाजारी में जुटे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल

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