वाराणसी के मंदिर में एलपीजी गैस की ‘किल्लत’ सरकार की ‘विफलता’ को दर्शाती है: माकपा महासचिव
वाराणसी के मंदिर में एलपीजी गैस की 'किल्लत' सरकार की 'विफलता' को दर्शाती है: माकपा महासचिव
नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने रविवार को कहा कि वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में सामुदायिक रसोईघरों में एलपीजी की “किल्लत” की खबरें उत्तर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों की “विफलता” को दर्शाती हैं।
बेबी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वाराणसी में जन आक्रोश जत्थे के लिए पहुंचने पर उन्हें मंदिर के अन्न क्षेत्रों के बंद होने की जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि ये अन्न क्षेत्र दशकों से रोजाना हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराते रहे हैं, लेकिन एलपीजी संकट के कारण पहली बार इन्हें बंद करना पड़ा है।
बेबी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र, जो दशकों से रोजाना हजारों लोगों को भोजन करा रहे थे, एलपीजी संकट के कारण पहली बार बंद हो गए हैं। यह मोदी-योगी आदित्यनाथ सरकारों की विफलता का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा कि “खोखले शब्द’ इस सच्चाई को छिपा नहीं सकते” और सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की।
इस बीच खबरों में बताया गया है कि काशी अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्रों को शनिवार को एलपीजी की कमी के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
मंदिर में प्रसाद वितरण भी सिलेंडरों की कथित किल्लत से प्रभावित हुआ है, हालांकि उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने कहा है कि एलपीजी आपूर्ति में कोई कमी नहीं है और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर के महंत शंकर गिरि महाराज ने कहा कि अन्न क्षेत्र में गंभीर संकट के कारण श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करना मुश्किल हो गया है।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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