एसआईआर चरण दो: एक दिन में मतदाताओं को पांच करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित

एसआईआर चरण दो: एक दिन में मतदाताओं को पांच करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित

एसआईआर चरण दो: एक दिन में मतदाताओं को पांच करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित
Modified Date: November 13, 2025 / 08:52 pm IST
Published Date: November 13, 2025 8:52 pm IST

नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत एक ही दिन में मतदाताओं को पांच करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरित किए गए। निर्वाचन आयोग द्वारा बृहस्पतिवार को साझा किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एक दैनिक बुलेटिन में कहा गया है कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं को 42 करोड़ से अधिक एसआईआर गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं।

बुधवार को जारी एक बुलेटिन में कहा गया था कि 12 नवंबर दोपहर तीन बजे तक 37 करोड़ से ज़्यादा फॉर्म वितरित किए जा चुके थे।

दूसरे शब्दों में, 42 करोड़ फॉर्म का मतलब है कि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 82.71 प्रतिशत को अब तक शामिल किया जा चुका है।

ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं: छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा लक्षद्वीप।

इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। असम में 2026 में चुनाव होने हैं, वहां मतदाता सूची के संशोधन की घोषणा अलग से की जाएगी।

एसआईआर अभ्यास का दूसरा चरण चार नवंबर को गणना चरण के साथ शुरू हुआ और चार दिसंबर तक जारी रहेगा।

चुनाव आयोग नौ दिसंबर को मतदाता सूची का मसौदा जारी करेगा और अंतिम सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रमुक ने एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करते हुए दावा किया है कि इससे दस्तावेजों के अभाव में पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।

बिहार में एसआईआर के बाद, निर्वाचन आयोग ने आधार कार्ड को उन सांकेतिक दस्तावेजों की सूची में शामिल कर लिया है, जिन्हें लोगों को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जमा करना होगा।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को जारी निर्देशों में निर्वाचन प्राधिकरण ने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे, जिनके गणना प्रपत्रों में दिए गए पिछले एसआईआर विवरण या तो उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं।

भाषा शोभना संतोष

संतोष


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