कर्नाटक में वन एवं राजस्व भूमि चिन्हित करने के लिए एसआईटी गठित की जाएगी: बैरे गौड़ा

कर्नाटक में वन एवं राजस्व भूमि चिन्हित करने के लिए एसआईटी गठित की जाएगी: बैरे गौड़ा

कर्नाटक में वन एवं राजस्व भूमि चिन्हित करने के लिए एसआईटी गठित की जाएगी: बैरे गौड़ा
Modified Date: March 14, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: March 14, 2026 8:45 pm IST

मंगलुरु (कर्नाटक), 14 मार्च (भाषा) कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बैरे गौड़ा ने शनिवार को कहा कि वन एवं राजस्व भूमि की पहचान करने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा जो उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में ऐस जमीन की पहचान कर रिपोर्ट सौंपेगी।

मंगलुरु के नजदीक मुलकी तालुक प्रशासनिक केंद्र “प्रजा सभा” का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि वन एवं राजस्व भूमि के वर्गीकरण का मुद्दा लंबे समय से लंबित रहने के कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और सरकार प्राथमिकता के आधार पर इसका हल करने के लिए कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले किसानों को दी गयी जमीनों में वन एवं राजस्व भूमि की हदबंदी के लिए संयुक्त सर्वेक्षण किया जा रहा है तथा इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं।

गौड़ा ने कहा कि कई किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था क्योंकि पूर्व में उन्हें दी गई जमीन का औपचारिक रूप से मानचित्रण नहीं किया गया था, अब सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू की है।

मंत्री ने कहा कि 2018 और 2023 के बीच इस जिले में 1,948 लाभार्थियों के लिए मानचित्रण पूरा किया गया था, जबकि पिछले दो वर्षों में 1-5 स्कीम के तहत 60,943 लाभार्थियों के लिए मानचित्रण किया गया।

उन्होंने कहा कि ई-पोथी अभियान के तहत करीब 60,000 कानूनी वारिसों को भूमि अभिलेखों में परिवर्तन का अधिकार दिया गया है जिनमें पहले मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज थे।

गौड़ा ने कहा कि तालुक प्रशासनिक कार्यालय का नाम प्रजा सभा इसलिए रखा गया है ताकि शासन लोगों के करीब आ सके।

राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि इस जिले में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हाल में राज्य के बजट में इस जिले के लिए एक वैश्विक क्षमता केंद्र की घोषणा की गई है और इसे लागू करने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘वेनलॉक’ जिला अस्पताल में एक नए ओपीडी खंड के लिए 70 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जबकि मूदबिदरी, बंतवाल, विटला और बेलथांगडी में तालुक अस्पतालों में सेवाएं सुधारने के लिए तीन निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ बातचीत चल रही है।

लोकसभा सदस्य बृजेश चौटा ने राजस्व मंत्री से पुत्तुर, सुलिया, कडाबा और बेलथांगडी तालुकों में वन एवं राजस्व भूमि के मुद्दे हल करने का अनुरोध किया।

भाषा सं राजेंद्र राजकुमार

राजकुमार


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