लद्दाख में अवैध ‘ऑफ-रोडिंग’ पर सख्ती, उपराज्यपाल ने जिम्मेदार पर्यटन की अपील की
लद्दाख में अवैध 'ऑफ-रोडिंग' पर सख्ती, उपराज्यपाल ने जिम्मेदार पर्यटन की अपील की
लेह, 28 जून (भाषा) कानून लागू करने की अपनी तरह की पहली मुहिम में, लद्दाख प्रशासन ने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध ‘ऑफ-रोडिंग’ (सड़क से हटकर वाहन चलाने) पर कड़ा रुख अपनाया है और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए चार पर्यटकों पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पैंगोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव आवासों में पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के उद्देश्य से की गई यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है, जब उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने पर्यटकों से लद्दाख यात्रा के दौरान जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन की अपील की है।
अधिकारियों ने बताया कि 26 जून को लद्दाख के वन्यजीव विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चार वाहनों पर 50,000 रुपये प्रति वाहन का जुर्माना लगाया।
उन्होंने बताया कि नियम तोड़ने वाले वाहनों के मालिक हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों में चांगथांग और नुब्रा में पैंगोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में गैर-कानूनी तरीके से कारें ले जाने के लिए उन पर जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और लुप्तप्राय वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हालांकि हाल के समय में लद्दाख में इस तरह की गैर-कानूनी ‘ऑफ-रोडिंग’ और स्टंट के मामले बढ़े हैं, लेकिन यह पहली बार है जब ऐसे मामले में इतना अधिक जुर्माना लगाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में पूरी जांच-पड़ताल के बाद चारों वाहनों को जब्त कर लिया गया था और जुर्माना भरने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया।
उपराज्यपाल सक्सेना ने दोहराया कि लद्दाख देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत करता है, लेकिन पर्यटकों को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप

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