तमिलनाडु चुनाव: महिला सुरक्षा, बढ़ता कर्ज और ‘मुफ्त की रेवड़ियां’ वादे प्रमुख मुद्दे
तमिलनाडु चुनाव: महिला सुरक्षा, बढ़ता कर्ज और ‘मुफ्त की रेवड़ियां’ वादे प्रमुख मुद्दे
चेन्नई, 15 मार्च (भाषा) तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, अधूरे चुनावी वादे और बढ़ता कर्ज प्रमुख मुद्दे रहेंगे। हालांकि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने के लिए अपने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और निवेश पर जोर दे रही है।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। निवर्तमान विधानसभा में द्रमुक के पास 132 सीटें हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के पास 60 सीटें हैं।
राज्य के कुछ मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप, अवैध रेत खनन, मादक पदार्थ तस्करी और वंशवाद भी प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं। अन्नाद्रमुक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पीएमके और अभिनेता विजय नीत तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) समेत कई दल इन्हीं मुद्दों को उठा मतदाताओं को साधने में लगे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने दावा किया, “महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराध के बीच उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। राज्य में बढ़ती गांजा तस्करी इसका एक प्रमुख कारण है।”
अन्नाद्रमुक के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि द्रमुक शासन के दौरान तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा “हर दिन नए निम्न स्तर पर पहुंच रही है”, जिससे राज्यभर के परिवार भय और चिंता में जी रहे हैं।
अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान अन्नाद्रमुक महासचिव ई. के पलानीसामी ने द्रमुक सरकार पर ‘‘बिगड़ती’’ कानून-व्यवस्था, बढ़ता कर्ज, अधूरे चुनावी वादों, वंशवाद और घोटालों को लेकर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार ने पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है, जिससे राज्य में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे पर औसतन 1.5 लाख रुपये का कर्ज का बोझ पड़ रहा है।
पलानीसामी ने द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के ‘द्रविड़ मॉडल शासन’ के दावों पर कटाक्ष करते हुए इसे “विज्ञापन मॉडल शासन” बताते हुए कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करेगी।
इस बीच द्रमुक, अन्नाद्रमुक और टीवीके जैसी पार्टियों ने मतदाताओं, खासकर महिलाओं को ध्यान में रखते हुए कई लोकलुभावन वादे किए हैं।
द्रमुक ने राशन कार्ड धारक महिला परिवार प्रमुखों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि बढ़ाकर 2,000 रुपये करने की घोषणा की है, जबकि अन्नाद्रमुक ने भी सत्ता में आने की स्थिति में इतनी ही राशि देने का वादा किया है।
द्रमुक ने वादा किया है कि अगर वह चुनाव जीतती है तो 60 वर्ष तक की महिला परिवार प्रमुखों को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। हालांकि केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को इससे अलग रखा गया है।
पार्टी ने महिलाओं के लिए “सुपर सिक्स (प्रमुख छह)” वादों की भी घोषणा की है, जिनमें छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा शामिल है।
अन्नाद्रमुक ने चावल वाले राशन कार्ड धारकों को सालाना तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया है। पलानीसामी ने यह भी कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो महंगाई और कर वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक परिवार को एकमुश्त 10,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं के तहत राज्य में 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से धनराशि दी जा रही है और विपक्ष विधानसभा चुनाव का हवाला देकर इस योजना को रोकने की साजिश रच रहा है।
इस बीच ‘नाम तमिलर काची’ के मुख्य समन्वयक सीमान तथा अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता एवं दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी सहयोगी रहीं वी.के. शशिकला भी इस रोचक चुनावी मुकाबले में द्रविड़ दलों पर हमलावर रुख अपना रही हैं।
शशिकला ने हाल में ‘ऑल इंडिया पुराची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कषगम’ नाम से अपनी पार्टी बनाई है।
भाषा खारी नरेश
नरेश

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