नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) ओमान के तट के पास सोमवार को पलाऊ के ध्वज वाले एक टैंकर पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया जिससे उसमें आग लग गई।
हालांकि इसमें सवार चालक दल के सभी 24 भारतीय सदस्यों को ओमान के प्राधिकारियों की मदद से बचा लिया गया।
मामले से अवगत अधिकारियों ने बताया कि एमटी मैरिवेक्स नामक यह पोत अमेरिका के वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी ‘विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ (ओएफएसी) द्वारा काली सूची में डाला गया था और उस पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
ओएफएसी ईरानी और रूसी तेल की बिक्री को लेकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले पोतों के खिलाफ कार्रवाई करता है।
ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना के हमले के बाद पोत में आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि एमटी मैरिवेक्स भारतीय स्वामित्व वाला पोत नहीं है और पिछले कुछ दिनों में उसने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बच निकलने की चार कोशिशें की थीं।
उन्होंने बताया कि तीन मौकों पर अमेरिकी नौसेना की चेतावनी के बाद पोत वापस लौट गया था।
ऊपर उद्धृत अधिकारियों में से एक ने कहा, ‘‘चालक दल के सभी 24 सदस्य सुरक्षित हैं। वे भारतीय नागरिक हैं। उन्हें ओमान के प्राधिकारियों की मदद से बचा लिया गया।’’
अधिकारियों ने बताया कि पोत ने ओमान के समुद्री क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए नाकेबंदी पार करने की एक और कोशिश की थी और पहचाने जाने से बचने के लिए अपने सिग्नल उपकरण बंद कर दिए थे।
उन्होंने कहा कि यह तरीका स्पष्ट करता है कि उसके इरादे साफ नहीं थे। उन्होंने बताया कि जब पोत को ‘‘निष्क्रिय किया गया, तब वह खाली था।’’
ओमान में भारतीय दूतावास ने पोत में सवार चालक दल के भारतीय सदस्यों को बचाने के लिए स्थानीय प्राधिकारियों का आभार जताया।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष