केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ केंद्र की ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ 12 जनवरी को ‘सत्याग्रह’ करेगा
केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ केंद्र की ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ 12 जनवरी को ‘सत्याग्रह’ करेगा
तिरुवनंतपुरम, 10 जनवरी (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) केंद्र की ‘जनविरोधी’ नीतियों के विरोध में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में 12 जनवरी को ‘सत्याग्रह’ का आयोजन करेगी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एमवी गोविंदन ने शनिवार को यह जानकारी दी।
गोविंदन ने कहा कि एलडीएफ एक फरवरी से तीन क्षेत्रीय स्तर के मार्च भी निकालेगी ताकि लोगों को राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विकास गतिविधियों के बारे में बताया जा सके।
उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र की पदयात्रा कासरगोड से शुरू होकर पलक्कड़ में समाप्त होगी, जबकि मध्य क्षेत्र की पदयात्रा पत्तनमथिट्टा से शुरू होकर एर्णाकुलम में समाप्त होगी। दक्षिणी क्षेत्र की पदयात्रा त्रिशूर से तिरुवनंतपुरम तक होगी।
गोविंदन ने कहा कि माकपा के छात्र, युवा और महिला जन संगठन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, 30 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा समाज को ‘सांप्रदायिक’ बनाने के सुनियोजित प्रयासों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे।
गोविंदन ने पार्टी का रुख दोहराते हुए कहा कि माकपा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार के बहुसंख्यक सांप्रदायिकता एवं जमात-ए-इस्लामी द्वारा प्रचारित इस्लामिक स्टेट के विचार का समान रूप से विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ को अब उन्हीं ताकतों के साथ गठबंधन करने में कोई हिचक नहीं है जिनका उसने अतीत में विरोध किया था।
उन्होंने दावा किया कि 2014 में ओमन चांडी के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने अदालत में एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि जमात-ए-इस्लामी एक चरमपंथी संगठन है जिसका गठन इस्लामिक स्टेट बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
गोविंदन ने कहा कि माकपा धर्म को सांप्रदायिकता से जोड़ने में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा, ‘‘धार्मिक समूह और मीडिया का एक वर्ग यह झूठ फैला रहे हैं कि सांप्रदायिकता का विरोध करते हुए हम धर्म और आस्था का विरोध कर रहे हैं।’’
गोविंदन ने कहा, ‘‘आरएसएस का विरोध करने का मतलब हिंदू धर्म का विरोध करना नहीं है और जमात-ए-इस्लामी की आलोचना पूरे मुसलमान समुदाय के खिलाफ नहीं है।’’
शबरिमला सोना चोरी मामले में तंत्री (मुख्य पुजारी) की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी लंबे समय से कहती आ रही है कि इसमें शामिल सभी लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।
भाषा धीरज रंजन
रंजन

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