हिमाचल में अगले साल मार्च-अप्रैल में बन सकता है ‘तीसरा मोर्चा’ : भाजपा के पूर्व मंत्री का बयान

हिमाचल में अगले साल मार्च-अप्रैल में बन सकता है ‘तीसरा मोर्चा’ : भाजपा के पूर्व मंत्री का बयान

हिमाचल में अगले साल मार्च-अप्रैल में बन सकता है ‘तीसरा मोर्चा’ : भाजपा के पूर्व मंत्री का बयान
Modified Date: June 28, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: June 28, 2026 6:55 pm IST

(भानू पी लोहुमी)

शिमला, 28 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ ही समय पहले राज्य में लंबे समय से चली आ रही दो-पक्षीय व्यवस्था को चुनौती देने के लिए एक राजनीतिक विकल्प बनाने की कोशिशें चल रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा, जिन्हें 2024 में पार्टी से निकाल दिया गया था, ने कहा कि वे अलग-अलग दलों के नेताओं से मिल रहे हैं जिनमें कांग्रेस और भाजपा में खुद को हाशिये पर महसूस करने वाले नेता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगले साल मार्च-अप्रैल में एक नयी पार्टी शुरू की जा सकती है।

उन्होंने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हम बस पंचायत चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे थे और अब वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत फिर से शुरू होगी।”

लाहौल-स्पीति सीट से पूर्व विधायक मारकंडा ने दावा किया कि बारी-बारी से सत्ता में आने वाली भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहे हैं और हाशिये पर हैं इसलिए एक ऐसी नई पार्टी की जरूरत है जो वरिष्ठ नेताओं का सम्मान और आम जनता का कल्याण सुनिश्चित करे।

लाहौल और स्पीति से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का विधानसभा उपचुनाव लड़ने के बाद मारकंडा को भाजपा से निकाल दिया गया था।

चर्चा में शामिल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “पार्टी को जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि नेताओं को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में शुरुआती काम करने का समय मिल सके और गंभीर नेताओं को ही शामिल किया जाए।”

नेता ने कहा, “आखिरी समय में पार्टी शुरू करना और ऐसे उम्मीदवारों को शामिल करना जिन्हें भाजपा और कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है, अतीत में बहुत सफल नहीं रहा है।”

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “बातचीत चल रही है और हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।” मारकंडा ने कहा कि नयी पार्टी के अगले साल मार्च-अप्रैल में शुरू होने की उम्मीद है।

मार्च में एक नई पार्टी बनने की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अतीत में कई बार “तीसरा मोर्चा” बना है और राज्य में इसकी संभावना हमेशा रही है। यह कहते हुए कि ऐसी घटनाक्रम से कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वियों को नुकसान होगा, उन्होंने कहा कि भाजपा “गुटों में बंटी हुई” है।

मारकंडा ने हालांकि दावा किया कि सुक्खू पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थकों को खत्म करना चाहते हैं, जिनका कांग्रेस की राज्य इकाई में मज़बूत प्रभाव है।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश


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