तिरुवनंतपुरम नगर निगम परिषद में हंगामे के बाद कांग्रेस, भाजपा पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

तिरुवनंतपुरम नगर निगम परिषद में हंगामे के बाद कांग्रेस, भाजपा पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

तिरुवनंतपुरम नगर निगम परिषद में हंगामे के बाद कांग्रेस, भाजपा पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
Modified Date: June 29, 2026 / 04:50 pm IST
Published Date: June 29, 2026 4:50 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 29 जून (भाषा) केरल में सोमवार को तिरुवनंतपुरम नगर निगम परिषद की बैठक के बाद हंगामे की स्थिति बन गई और कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए।

हाल में महापौर वीवी राजेश के चैंबर के बाहर हुई झड़पों के मद्देनजर बैठक शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण था। इन झड़पों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भाजपा के कई पार्षद घायल हो गए थे।

भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम की सत्ता संभाली थी। राजग ने 101 सीट में से 50 पर जीत दर्ज कर तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर एलडीएफ के 45 साल के शासन का अंत किया था।

बैठक के दौरान यूडीएफ ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई थी। हालांकि, एलडीएफ की ओर से यह स्पष्ट कर दिए जाने के बाद कि वह प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा, यूडीएफ ने ऐसा नहीं किया।

परिषद की बैठक से पहले एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने नगर निगम कार्यालय के सामने अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन किए।

महापौर के चैंबर के बाहर हुई झड़पों में घायल एलडीएफ पार्षद अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बैठक में शामिल हुए।

टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में महापौर राजेश के परिषद भवन में प्रवेश करते ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पार्षदों को भाजपा पार्षद सुगथन के इस्तीफे की मांग वाली तख्तियां लेकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए देखा गया।

सुगथन को आपराधिक मामलों के सिलसिले में केरल असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

इसके बाद महापौर ने घोषणा की कि एजेंडा के सभी मदों को मंजूरी दे दी गई है और उन्होंने बैठक स्थगित कर दी।

एलडीएफ पार्षदों के भवन से निकलने के बाद तनाव तब बढ़ गया, जब यूडीएफ पार्षद उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने पहुंचे।

यूडीएफ नेता केएस सबरीनाथन ने आरोप लगाया कि शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा नेता चेम्पाझंथी उदयन ने महिला सदस्यों सहित कांग्रेस पार्षदों पर तब हमला किया, जब उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने का प्रयास किया।

सबरीनाथन ने संवाददाताओं से कहा, “हमें उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर न करने के खतरे का एहसास हुआ, क्योंकि सुगथन की अनुपस्थिति को छिपाने के लिए उसमें छेड़छाड़ की जा सकती थी। इसलिए हमने रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि उदयन ने पहले महिला पार्षदों को अपशब्द कहे और फिर उनके साथ मारपीट की।

सबरीनाथन ने दावा किया, “इसके बाद उदयन ने अपनी कमीज फाड़ दी। बाद में उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर छीन लिया और उसके पन्ने फाड़ दिए।”

यूडीएफ पार्षदों ने कहा कि वे भाजपा पार्षदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार करेंगे।

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सबरीनाथन और यूडीएफ पार्षदों ने ही उपस्थिति रजिस्टर में छेड़छाड़ करने का प्रयास किया था।

भाजपा पार्षदों ने कहा कि जब उन्होंने सबरीनाथन को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, तो यूडीएफ सदस्यों ने उदयन पर हमला कर दिया।

भाषा पारुल वैभव

वैभव


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