इस्पात संयंत्र हादसे में घायल तीन श्रमिकों की हालत स्थिर, एक गंभीर

इस्पात संयंत्र हादसे में घायल तीन श्रमिकों की हालत स्थिर, एक गंभीर

इस्पात संयंत्र हादसे में घायल तीन श्रमिकों की हालत स्थिर, एक गंभीर
Modified Date: June 9, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: June 9, 2026 7:40 pm IST

विशाखापत्तनम, नौ जून (भाषा) राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र) हादसे में घायल छह श्रमिकों में से तीन की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है, जबकि लगभग 100 फीसदी झुलस चुके एक श्रमिक की हालत नाजुक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

संयंत्र की ‘इस्पात प्रगलनशाला-1’ में सोमवार शाम पिघले हुए इस्पात की ढलाई के काम के दौरान एक भीषण विस्फोट हुआ था, जिसमें आठ श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद वहां भीषण आग लग गई थी।

अधिकारी ने बताया कि छह घायल श्रमिकों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘घायल तीन श्रमिकों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। बाकी तीन में से दो श्रमिक 95 से 100 फीसदी तक झुलस गए हैं, जबकि एक करीब 15 फीसदी झुलसा है।’

उन्होंने बताया कि लगभग 100 फीसदी झुलस चुके श्रमिकों में से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

इस बीच, दुर्घटना में मारे गए आठ श्रमिकों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है।

‘किंग जॉर्ज अस्पताल’ की अधीक्षिका आई. वाणी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘सभी आठ श्रमिकों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और आज सात श्रमिकों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। एक शव की कागजी प्रक्रिया पूरी होना अभी बाकी है क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों के आज देर से बिहार से यहां पहुंचने की उम्मीद है।’

उन्होंने बताया कि पिघले हुए इस्पात की चपेट में आने के कारण शव पूरी तरह से झुलस चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद, रिश्तेदार मृतकों की पहचान करने में सफल रहे।

वाणी ने बताया कि मृत श्रमिकों में से अधिकांश विशाखापत्तनम और उसके आस-पास के इलाकों के रहने वाले थे जबकि केवल एक श्रमिक बिहार का था।

पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है, जो अप्राकृतिक मौत से संबद्ध है।

पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पीड़ितों के परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।’

पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय इस्पात निगम प्रबंधन द्वारा गठित एक तकनीकी दल ने उन परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है जिनकी वजह से यह हादसा हुआ। इस दल में द्रव इस्पात परिचालन और अन्य विशिष्ट क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि जांच में मदद के लिए फोरेंसिक दलों को भी काम पर लगाया गया है।

अधिकारी ने कहा कि यह दुर्घटना मानवीय भूल का नतीजा थी या यांत्रिक खराबी का परिणाम थी, यह तय करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।

भाषा सुमित नरेश

नरेश


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