मिनीमर्ग (लद्दाख), नौ जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को जोजिला सुरंग के निर्माण में मिली सफलता को देश के अवसंरचना इतिहास का स्वर्णिम दिन बताया और कहा कि यह परियोजना जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी।
गडकरी ने सुरंग के निर्माण में मिली सफलता के बाद कहा, “आज भारत के अवसंरचना इतिहास का स्वर्णिम दिन है। मुझे खुशी है कि 14 किलोमीटर लंबी, अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित, विश्व की सबसे लंबी सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए जीवन रेखा बनेगी।”
उन्होंने कहा कि जोजिला सुरंग परियोजना फरवरी 2028 तक पूरा हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए एक अनमोल तोहफा है।”
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने परियोजना के इंजीनियरों और श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कड़ाके की ठंड व कठिन परिस्थितियों में काम किया है।
उन्होंने कहा, “इससे हर मौसम में आवागमन संभव हो सकेगा। सुरंग में सभी सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं और इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है।” गडकरी ने बताया कि कुल लागत लगभग 7,000 करोड़ रुपये होने से 5,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जो अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपये से कम है। उन्होंने श्रमिकों, सलाहकारों, इंजीनियरों और परियोजना को कार्यान्वित करने वाली एजेंसी ‘मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के अधिकारियों के साथ-साथ एनएचआईडीसीएल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कई नई परियोजनाओं की घोषणा भी की।
गडकरी ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहा कि 20 सुरंगें पूरी हो चुकी हैं और पांच अन्य परियोजना पर काम जारी है।
उन्होंने कहा, “इन सुरंगों के पूरा होने के बाद जम्मू से श्रीनगर की यात्रा का समय घटकर तीन घंटे रह जाएगा। यह मेरा सपना है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यह जल्द ही साकार होगा।”
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि जोजिला सुरंग का निर्माण एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सिन्हा ने कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए इस उपलब्धि के लिए परियोजना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने गडकरी और उनके मंत्रालय को भी धन्यवाद दिया।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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