कुर्मी समुदाय के लोगों के विरोध के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित |

कुर्मी समुदाय के लोगों के विरोध के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित

कुर्मी समुदाय के लोगों के विरोध के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित

: , September 22, 2022 / 09:51 PM IST

कोलकाता/ रांची, 22 सितंबर (भाषा) दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के दो मंडलों में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं क्योंकि कुर्मी समुदाय के लोगों ने तीन दिन से पश्चिम बंगाल में दो रेलवे स्टेशनों को अवरुद्ध किया हुआ है।

कुर्मियों ने समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार तड़के चार बजे पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आंदोलन शुरू किया था।

अन्य सभी स्टेशनों पर उसी दिन शाम तक नाकेबंदी हटा ली गई थी लेकिन यह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खेमासुली और पुरुलिया जिले के कस्तौर में जारी रही।

एसईआर ने कोलकाता में एक बयान में कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप 140 मेल/एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया । इसके अलावा 65 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है और तीन ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।’’

कस्तौर और खेमासुली स्टेशन क्रमशः आद्रा खड़गपुर मंडल के अंतर्गत आते हैं।

एसईआर के बयान में कहा गया है कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर हैं और राज्य सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं।

इस बीच, कुर्मी लोगों के एक संगठन ने बृहस्पतिवार को रांची में कहा कि उसने उन्हीं दो मांगों के लिए दबाव बनाने के लिए 25 सितंबर को झारखंड में अपना प्रस्तावित “रेल नाकेबंदी” आंदोलन स्थगित कर दिया।

संगठन ‘टोटेनिक कुर्मी/कुर्मी समाज’ (टीके/केएस) ने 13 सितंबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ‘रेल चक्का जाम’ की जानकारी दी थी।

टीके/केएस के झारखंड संयोजक शीतल ओहदार ने कहा, ‘‘हमने 20 सितंबर को कुर्मी समुदाय की ओडिशा और पश्चिम बंगाल इकाइयों द्वारा बुलाए गए संयुक्त विरोध प्रदर्शन में हमारी भागीदारी के मद्देनजर 25 सितंबर को होने वाले आंदोलन को स्थगित करने का फैसला किया है।’’

उन्होंने कहा कि वे अपने भविष्य की कार्रवाई की घोषणा जल्द करेंगे।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)