तृणमूल ने कहा, अधिक मतदान ममता के जोरदार समर्थन का संकेत; पहले चरण में 125-134 सीट का दावा

तृणमूल ने कहा, अधिक मतदान ममता के जोरदार समर्थन का संकेत; पहले चरण में 125-134 सीट का दावा

तृणमूल ने कहा, अधिक मतदान ममता के जोरदार समर्थन का संकेत; पहले चरण में 125-134 सीट का दावा
Modified Date: April 23, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: April 23, 2026 8:04 pm IST

कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दावे का खंडन किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान ‘‘परिवर्तन के लिए शानदार जनादेश’’ का संकेत है। तृणमूल ने दावा किया कि इसके बजाय यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार के विकास कार्यों के लिए जोरदार समर्थन को प्रदर्शित करता है।

मोदी के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि ‘‘सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में निर्णायक रूप से गई है’’ और यह भाजपा को स्पष्ट रूप से खारिज किये जाने का संकेत है।

घोष ने शाम 5 बजे तक करीब 90 प्रतिशत मतदान होने का उल्लेख करते हुए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भाजपा भारी मतदान को ठीक से नहीं समझ पा रही है। यह बदलाव के लिए वोट नहीं है, बल्कि (ममता) बनर्जी के शासन का जोरदार समर्थन है। बंगाल की जनता ने पहले चरण में ही भाजपा की कमर तोड़ दी है।’’

राज्य में शाम 5 बजे तक 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत मतदान हुआ।

विधानसभा चुनाव में तृणमूल के शानदार प्रदर्शन करने का अनुमान जताते हुए, घोष ने दावा किया कि प्रथम चरण के तहत बृहस्पतिवार को जिन 152 सीटों पर मतदान हुआ है, पार्टी उनमें से ‘‘कम से कम 125 सीटें जीतेगी, जो बढ़कर 132-134 तक भी जा सकती हैं।’’

घोष ने तर्क दिया कि मतदान प्रतिशत अधिक रहने से तृणमूल को अधिक सीटें मिलेंगी और उन्होंने सत्ता-विरोधी लहर होने के विपक्ष के विमर्श को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मतदान प्रतिशत जितना बढ़ेगा, तृणमूल को उतनी ही अधिक सीटें मिलेंगी। भाजपा का मनोबल पूरी तरह से गिर चुका है, और इसलिए वे बदलाव का यह झूठा विमर्श गढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने सहित मतदाता सूचियों में सुधार के कारण मतदान में वृद्धि अपेक्षित थी।

घोष ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए नंदीग्राम के संदर्भ में दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस इस हाई प्रोफाइल सीट पर निर्णायक जीत हासिल करने वाली है।

उन्होंने कहा, ‘‘नंदीग्राम-1 से मिल रही रिपोर्ट से हमारे उम्मीदवार को भारी बढ़त का संकेत मिल रहा है, जबकि नंदीग्राम-2 में भाजपा ने लगभग हार मान ली है। उसका उम्मीदवार काफी दबाव में है, जो अब साफ दिखाई दे रहा है।’’

अपनी पार्टी के रुख का समर्थन करते हुए, राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि अधिक मतदान होने का मतलब यह नहीं है कि सत्ता परिवर्तन होगा और उन्होंने पिछले चुनावी रुझानों का हवाला दिया।

बसु ने कहा, ‘‘बिहार में हमने ऐसा ही पैटर्न देखा, जहां मतदान प्रतिशत में काफी वृद्धि हुई, लेकिन सरकार नहीं बदली। बंगाल में भी यही रुझान दिख रहा है।’’

उन्होंने महिला मतदाताओं की भारी भागीदारी को भी निर्णायक कारक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी बनर्जी पर उनके भरोसे और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव को दर्शाती है। यह समर्थन सभी वर्गों से मिल रहा है।’’

तृणमूल नेताओं ने कहा कि विपक्षी दलों की ‘‘उकसाने वाली हरकतों’’ के बावजूद मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा और उन्होंने मतदाताओं को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

मतदान के दौरान निर्वाचन आयोग की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आरोप लगाया कि यह शुरू से ही ‘‘बंगाल विरोधी और तृणमूल विरोधी’’ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों को ‘‘सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि बंगाल की जनता को डराने-धमकाने के लिए’’ तैनात किया गया है।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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