सरकार की दो पहलों से अभेद्य और सुरक्षित सीमा सुनिश्चित होगी: अमित शाह

सरकार की दो पहलों से अभेद्य और सुरक्षित सीमा सुनिश्चित होगी: अमित शाह

सरकार की दो पहलों से अभेद्य और सुरक्षित सीमा सुनिश्चित होगी: अमित शाह
Modified Date: June 9, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: June 9, 2026 10:40 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार की भूमि पत्तन प्रबंधन प्रणाली (एलपीएमएस) और ‘स्मार्ट बॉर्डर’ पहल मिलकर ऐसी अभेद्य और सुरक्षित सीमा तैयार करेंगी जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

शाह ने देश के भूमि पत्तनों पर संचालन को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केंद्रीकृत डिजिटल मंच-एलपीएमएस की शुरुआत के अवसर पर कहा कि अगले तीन साल में 11 और भूमि पत्तन विकसित किए जाएंगे जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण की अवधारणा 2012 में सामने आई, 2012 से 2014 के बीच इसने आकार लिया और 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इसे नयी दिशा मिली।

उन्होंने कहा कि भूमि पत्तनों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास, वैध व्यापार को बढ़ावा देने और पलायन जैसी चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शाह ने कहा कि एलपीएमएस की शुरुआत से 90 प्रतिशत कागजी कार्य समाप्त हो जाएगा और प्रतीक्षा समय में एकल-खिड़की मंजूरी के जरिये 40 से 60 प्रतिशत तक की कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा के तहत भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए चार-स्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है जिसमें भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शाह ने कहा कि एलपीएमएस में सभी हितधारकों की आवश्यकताओं के साथ-साथ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा के साथ मिलकर अभेद्य और सुरक्षित सीमा तैयार करेगी।

शाह ने कहा कि भूमि पत्तनों ने न केवल कारोबार को बढ़ाया है बल्कि सुरक्षा को भी मजबूत किया है और अवैध व्यापार को वैध व्यापार में बदलने में मदद की है।

उन्होंने कहा कि एलपीएमएस की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक दिन पर हो रही है जब मोदी ने राष्ट्र सेवा के 12 वर्ष पूरे कर लिए और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,398 दिन पूरे कर किए हैं।

शाह ने कहा कि मोदी 10 जून को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे और पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्ष में देश के लोकतंत्र में बुनियादी बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि वंशवाद, जातिवाद एवं भ्रष्टाचार हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के नासूर बन गए थे और लोग इनके साथ जीने के आदी हो गए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शन आधारित राजनीति की शुरुआत कर व्यवस्था में बुनियादी बदलाव किए।’’

उन्होंने कहा कि मोदी ने सत्ता को हमेशा ‘‘साधना’’ माना है और देश की सेवा उनका मिशन रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,398 दिन पूरे करने के दौरान मोदी एक ‘‘निष्काम कर्मयोगी’’ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी ने जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की और यह सुनिश्चित किया कि उनका पूरा लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।

शाह ने कहा कि भारत अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में है और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है।

उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल महिला विकास के बजाय महिला-नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा भी प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन में दुनिया में पहले स्थान पर, मोबाइल विनिर्माण में दूसरे स्थान पर और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने में तीसरे स्थान पर है।

शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े इन उपलब्धियों की पुष्टि करते हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रबंधन के मामले में भारत दुनिया के लिए उदाहरण रहा।

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष


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