आंदोलन की भविष्य की राह तय करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक जारी

आंदोलन की भविष्य की राह तय करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक जारी

Edited By: , December 4, 2021 / 04:46 PM IST

सोनीपत (हरियाणा), चार दिसंबर (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में शनिवार को यहां कई किसान नेता जुटे ताकि आंदोलन की भविष्य की राह तय करने पर चर्चा की जा सके।

हरियाणा और दिल्ली के बीच सिंघू बॉर्डर पर चल रही बैठक का इसलिए महत्व है कि तीनों विवाादस्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए हाल में केंद्र ने संसद में विधेयक पारित किया है।

पिछले वर्ष नवंबर से शुरू हुए किसान आंदोलन का केंद्र सिंघू बॉर्डर रहा है।

हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं अन्य स्थानों के किसान नेता वर्तमान में बंद कमरे में बैठक कर रहे हैं, जो दो घंटे से भी अधिक समय पहले शुरू हुई थी।

सोनीपत में जिस स्थान पर बैठक चल रही है, उसके बाहर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हैं। नेताओं की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन होने वाला है।

बाहर में लोहे की जंजीर पहने फुटपाथ पर 10-15 किसानों का समूह सांकेतिक प्रदर्शन कर रहा है और सरकार से एमएसपी की गारंटी की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि इस मांग के पूरा हुए बगैर किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के किसान शामिल हैं।

किसान नेताओं ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र को एमएसपी पर बनी समिति के लिए पांच नाम भेजने का निर्णय बैठक में किया जाएगा क्योंकि सरकार से उन्हें कोई औपचारिक संदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

बहरहाल, किसानों का कहना है कि एसकेएम को समिति के लिए कोई नाम भेजने की जरूरत नहीं है और ‘‘एमएसपी पर गारंटी दी जानी चाहिए।’’

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए विधेयक पारित किया था।

भाषा नीरज नीरज दिलीप

दिलीप