उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों के बच्चों को प्रदेश के मदरसों में लाने के मामले की जांच के आदेश दिए

उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों के बच्चों को प्रदेश के मदरसों में लाने के मामले की जांच के आदेश दिए

उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों के बच्चों को प्रदेश के मदरसों में लाने के मामले की जांच के आदेश दिए
Modified Date: April 17, 2026 / 12:31 am IST
Published Date: April 17, 2026 12:31 am IST

देहरादून, 16 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मदरसों में कथित तौर पर बाहरी राज्यों के बच्चों को लाए जाने के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल के जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने और वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाए तथा सभी मदरसों में सघन निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान चलाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं।

वर्ष 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया गया है, जिसके तहत इस वर्ष एक जुलाई से प्रदेश में मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी और नयी व्यवस्था के तहत उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

भाषा दीप्ति खारी

खारी


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