वांगचुक प्रकरण ने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए: अशोक गहलोत

वांगचुक प्रकरण ने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए: अशोक गहलोत

वांगचुक प्रकरण ने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए: अशोक गहलोत
Modified Date: March 14, 2026 / 07:20 pm IST
Published Date: March 14, 2026 7:20 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

जयपुर, 14 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को सुखद बताते हुए केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण ने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता गहलोत ने शनिवार को एक बयान में कहा,‘‘सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई का समाचार सुखद है, परंतु यह पूरा प्रकरण केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।’’

उन्होंने कहा,‘‘यह कैसी विडंबना है? सोनम वांगचुक कभी प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के समर्थक रहे। (लेकिन) जब उन्होंने लद्दाख के हक और पर्यावरण की आवाज उठाई, तो उन्हें एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) जैसी कठोर कानूनी प्रावधानों में जेल भेज दिया गया।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस व्यक्ति को कुछ माह पहले ‘देश की सुरक्षा के लिए खतरा’ बताकर जेल की सलाखों के पीछे डाला गया, उन्हें आज अचानक रिहा करने की बात आई यानी उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में उनकी हिरासत के 170 दिनों का हिसाब कौन देगा? उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया था?’’

कटाक्ष करते हुए गहलोत ने प्रश्न उठाया कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब भाजपा के राजनीतिक नफा-नुकसान से तय होगी?

उन्होंने कहा, ‘‘तानाशाही प्रवृत्ति से कानूनों का ऐसा ‘सुविधाजनक इस्तेमाल’ न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात है। देश की जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है।’’

केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। लगभग छह महीने पहले वांगचुक को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। इन प्रदर्शनों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।

केंद्र सरकार ने कहा है कि यह निर्णय लद्दाख में शांति को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

भाषा पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार


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