पश्चिम एशिया संकट : भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हितधारकों के संपर्क में

पश्चिम एशिया संकट : भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हितधारकों के संपर्क में

पश्चिम एशिया संकट : भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हितधारकों के संपर्क में
Modified Date: March 14, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: March 14, 2026 10:05 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर, भारत ने शनिवार को कहा कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खाड़ी सहयोग परिषद, ईरान, अमेरिका और इजराइल सहित सभी प्रमुख पक्षों के साथ संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संवाद और कूटनीति की वकालत करने के साथ ही भारत ने लगातार इस क्षेत्र से माल और ऊर्जा आपूर्ति के निर्बाध पारगमन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि मौजूदा संघर्ष में पांच भारतीय नागरिकों की जान चली गई है और एक लापता है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लगभग 1,72,000 भारतीय भारत लौट चुके हैं।

जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमने पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से बचने का भी आह्वान किया है। हमारा मानना ​​है कि ये वैश्विक समुदाय के एक बड़े हिस्से की प्राथमिकताएं हैं क्योंकि संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।’’

ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम खाड़ी सहयोग परिषद के सभी सदस्यों के अलावा ईरान, अमेरिका और इजराइल सहित सभी महत्वपूर्ण वार्ताकारों के साथ विभिन्न राजनीतिक एवं राजनयिक स्तरों पर संपर्क में हैं, ताकि उनके साथ अपनी प्राथमिकताओं, विशेष रूप से हमारी ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर सकें।’’

भाषा शफीक माधव

माधव


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