पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी विधेयक अगस्त में पारित होगा : वरिष्ठ अधिकारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी विधेयक अगस्त में पारित होगा : वरिष्ठ अधिकारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी विधेयक अगस्त में पारित होगा : वरिष्ठ अधिकारी
Modified Date: July 3, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: July 3, 2026 6:58 pm IST

कोलकाता, तीन जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक अगले माह पारित होगा। यह जानकारी शुक्रवार को राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को एक समिति के गठन को मंजूरी दी, जो यूसीसी विधेयक के मसौदे की जांच करेगी। समिति को चार सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सरकार को देने होंगे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगस्त देश के लिए कई महत्वपूर्ण घटनाओं का महीना है। अगस्त माह में ही ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन शुरू हुआ था। भारत को आज़ादी भी अगस्त में ही मिली थी। खुदीराम बोस इसी महीने शहीद हुए थे। इस साल अगस्त में एक और महत्वपूर्ण घटना होगी। हम पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी विधेयक पारित करेंगे।’’

इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की थी।

साल 2014 के बाद अब तक तीन राज्य -उत्तराखंड, गुजरात और असम- यूसीसी कानून अपना चुके हैं। पश्चिम बंगाल इसके बाद ऐसा करने वाला चौथा राज्य बनने जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के समान नागरिक संहिता विधेयक में शादी, तलाक, संपत्ति के बंटवारे (उत्तराधिकार) और गोद लेने जैसे मामलों में सभी समुदायों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने के प्रावधान होंगे। इसके मुख्य प्रावधान उत्तराखंड और असम के यूसीसी कानूनों जैसे ही हैं।

यूसीसी वर्ष 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था। भाजपा ने चुनाव जीतकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत किया।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में उद्योगों को बढ़ावा देना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हर महीने कम से कम दो नये उद्योग पश्चिम बंगाल में आ रहे हैं और यह सिलसिला आने वाले कई महीनों तक जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने 12 जून को कहा था कि उनकी सरकार टाटा समूह को फिर से पश्चिम बंगाल लाएगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिंगूर की वह जमीन, जहां टाटा मोटर्स ने कार फैक्टरी लगाई थी, अब राज्य सरकार के पास नहीं है। पिछली ममता बनर्जी सरकार ने वह जमीन किसानों को लौटा दी थी।

सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद, लगभग 10,000 अवैध घुसपैठियों की बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि करने के उपरांत उन्हें सीमा पर बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि करीब 1,800 अन्य अवैध बांग्लादेशी नागरिक अभी पश्चिम बंगाल के अस्थायी निरुद्ध केंद्रों में रखे गए हैं। उन्हें भी जल्द ही बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।

शुभेंदु ने 23 जून को कहा था कि उनकी सरकार ने हजारों अवैध प्रवासियों की पहचान कर ली है और उन्हें संबंधित देश में वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत के असली नागरिकों पर इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ेगा, भले ही वे किसी भी धर्म के क्यों न हों।

भाषा सुरेश माधव

माधव


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