दुर्गा पूजा पर रोक लगाने वाली पश्चिम बंगाल सरकार यूनेस्को के सम्मान का श्रेय ले रही है: लेखी |

दुर्गा पूजा पर रोक लगाने वाली पश्चिम बंगाल सरकार यूनेस्को के सम्मान का श्रेय ले रही है: लेखी

दुर्गा पूजा पर रोक लगाने वाली पश्चिम बंगाल सरकार यूनेस्को के सम्मान का श्रेय ले रही है: लेखी

: , September 22, 2022 / 04:45 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन पर ‘‘रोक’’ लगाने वाली पश्चिम बंगाल सरकार इस त्योहार को यूनेस्को की मानवता की ‘‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’’सूची में शामिल किए जाने का श्रेय ले रही है।

यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए लेखी ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस रवैये को ‘‘विचित्र’’ करार दिया।

उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) को एक प्रस्ताव भेजकर गुजरात के गरबा नृत्य को भी मानवता की ‘‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’’ की सूची में शामिल किए जाने का अनुरोध किया है।

इस माह की शुरुआत में बनर्जी ने ‘कोलकाता में दुर्गा पूजा’ को यूनेस्को की इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की खुशी में एक रैली की अगुवाई की थी।

लेखी ने तंज किया, ‘‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बहुत व्यस्त होंगी। उनके सलाहकार उन्हें जो सलाह दे रहे हैं उन पर प्रश्न उठता है।’’

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा को यूनेस्को की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव संस्कृति मंत्रालय ने 2019 में भेजा था, जिसे दिसंबर 2021 में स्वीकार किया गया।

लेखी ने कहा कि दूर्गा पूजा को इस सूची में शामिल किया जाना पूरे देश के लिए गर्व की बात है लेकिन ‘‘इस पर राजनीति सही नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि देश की सभी परंपराओं की एक सुर में सराहना की जानी चाहिए और दुर्गा पूजा पूर्वी भारत में जिस प्रकार से महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार से यह दक्षिणी और पश्चिम भारत में भी महत्वपूर्ण है।

लेखी 24 अक्टूबर को कोलकाता जाएंगी जहां वह दुर्गा पूर्जा उत्सव से जुड़े 30 कलाकारों, मूर्तिकारों व पंडाल निर्माताओं को सम्मानित भी करेंगी।

भाषा

शोभना ब्रजेन्द्र

ब्रजेन्द्र

 

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