लद्दाख ने सात साल में जो हासिल किया वह जम्मू-कश्मीर 70 साल में नहीं कर सका : पर्रा

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लद्दाख ने सात साल में जो हासिल किया वह जम्मू-कश्मीर 70 साल में नहीं कर सका : पर्रा

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 04:01 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 04:01 PM IST

श्रीनगर, 24 मई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद पर्रा ने रविवार को कहा कि लद्दाख के लोगों ने सात वर्षों में वह हासिल कर लिया जो जम्मू कश्मीर 70 वर्षों में नहीं कर सका।

केंद्र सरकार द्वारा लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा उपायों की पेशकश के बाद पर्रा की यह टिप्पणी आई है। पर्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए इसमें एक सबक है।

क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने छठी अनुसूची के बजाय अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लद्दाख के लिए एक विधायी निकाय का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि बातचीत अभी जारी है तथा अंतिम समझौता नहीं हुआ है।

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने अनुच्छेद 371ए और 371जी की तर्ज पर लद्दाख के लिए सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव रखा है और जिला परिषदों तक शक्तियों को सीमित करने के बजाय पूरे क्षेत्र के लिए एक शासन ढांचे पर सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की है।

पर्रा ने कहा, ‘‘लद्दाख ने सात वर्षों में जो हासिल किया, हम 70 वर्षों में भी उसे हासिल करने में असफल रहे। मात्र तीन लाख की आबादी ने भारत सरकार को मना लिया, जम्मू-कश्मीर ऐसा नहीं कर सका। जम्मू-कश्मीर के लिए इसमें एक सबक है।’’

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के सदस्य सज्जाद कारगिली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केंद्र ने लद्दाख के लिए विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां प्रस्तावित की हैं तथा उनसे कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों के साथ परामर्श के लिए एक औपचारिक मसौदा साझा करने को कहा गया है।

भाषा आशीष सुभाष

सुभाष