दिल्ली सरकार के सात नए अस्पतालों के काम में हुई देरी, अधिकतर का आधा ही हुआ है काम |

दिल्ली सरकार के सात नए अस्पतालों के काम में हुई देरी, अधिकतर का आधा ही हुआ है काम

दिल्ली सरकार के सात नए अस्पतालों के काम में हुई देरी, अधिकतर का आधा ही हुआ है काम

: , September 23, 2022 / 07:48 PM IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) कोरोना वायरस संक्रमण की ‘‘तीसरी लहर’’ के दौरान कोविड रोगियों को समायोजित करने के लिए 6,800 बिस्तरों की क्षमता वाले सात आईसीयू अस्पतालों में से अधिकतर का निर्माण कार्य आधा ही हो पाया है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बृहस्पतिवार को कोविड समीक्षा बैठक में दिल्ली सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि किराड़ी में 458 बिस्तरों वाले अस्पताल का काम इस साल 17 सितंबर तक शुरू नहीं हुआ था जिसे फरवरी 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

गीता कॉलोनी में चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 610 बिस्तरों वाले अस्पताल और सुल्तानपुरी में 525 बिस्तरों वाले अस्पताल का केवल 50 प्रतिशत और 45 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। दोनों अस्पताल अब नवंबर 2022 तक तैयार होने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 336 बिस्तरों की क्षमता वाले सरिता विहार अस्पताल के इस साल अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जहां 17 सितंबर तक केवल 60 प्रतिशत काम हुआ।

गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में 1,912 बिस्तरों की सुविधा और शालीमार बाग में 1,430 बिस्तरों वाले एक अन्य अस्पताल का काम 17 सितंबर तक क्रमश: 45 प्रतिशत और 50 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया था। दोनों इस साल के अंत तक तैयार होने वाले हैं। रघुबीर नगर में 1,577 बिस्तरों वाले अस्पताल का 30 प्रतिशत ही काम हो पाया है। अब इसे दिसंबर तक पूरा करने की योजना है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि इन परियोजनाओं पर काम ‘‘मिशन मोड’’ में हो रहा है। उन्होंने कहा था कि इन अस्पतालों को समय पर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

डीडीएमए की बैठक में अधिकारियों ने कहा था कि कोविड के बदले परिदृश्य और बाह्य रोगी तथा अन्य सामान्य सेवाओं की शुरुआत के कारण इन सात अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या भिन्न हो सकती है।

जून में, उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इन अस्पतालों के निर्माण के लिए निविदाएं प्रदान किए जाने में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को मंजूरी दी थी। आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली सरकार की ओर से चार अन्य अस्पतालों के निर्माण में भी देरी हुई है।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल

 

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