भय्यू महाराज आत्महत्या कांड : दो मुजरिमों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित |

भय्यू महाराज आत्महत्या कांड : दो मुजरिमों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित

भय्यू महाराज आत्महत्या कांड : दो मुजरिमों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित

: , June 29, 2022 / 08:19 PM IST

इंदौर, 29 जून (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज को ब्लैकमेल कर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के दो सजायाफ्ता मुजरिमों की जमानत याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

जिला अदालत ने भय्यू महाराज आत्महत्या कांड में उनके तीन सेवादारों को 28 जनवरी को छह-छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इन मुजरिमों में शामिल पलक पौराणिक (28) और शरद देशमुख (37) ने इस फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय से गुहार की है कि उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार वर्मा ने दोनों मुजरिमों की जमानत अर्जियों पर सभी संबद्ध पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा।

बचाव पक्ष के वकीलों में शामिल धर्मेंद्र गुर्जर ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय के सामने तर्क रखा कि मुजरिमों को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए क्योंकि अभियोजन की कहानी में भय्यू महाराज की आत्महत्या के कारण को लेकर कथित तौर पर विरोधाभासी तथ्य हैं।

गुर्जर ने दावा किया कि भय्यू महाराज अपनी दूसरी पत्नी और पहली पत्नी से पैदा बेटी के आपसी कलह से तनाव में थे और उन्होंने 12 जून 2018 को आत्महत्या से पहले भी एक बार जान देने का असफल प्रयास किया था।

गौरतलब है कि जिला अदालत ने पौराणिक और देशमुख के साथ ही भय्यू महाराज के एक अन्य सेवादार विनायक दुधाड़े (45) को भारतीय दंड विधान की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा 306 (आत्महत्या के लिये उकसाना) और धारा 384 (जबरन वसूली) के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।

अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पुलिस की जांच और अभियोजन के गवाहों के बयानों से साबित हुआ है कि पौराणिक, दुधाड़े और देशमुख ने आपस में षड़यंत्र किया था और वे भय्यू महाराज पर पौराणिक से विवाह का बार-बार दबाव बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे तथा उन्हें धमका कर उनसे धन की मांग भी कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पौराणिक, भय्यू महाराज पर आपत्तिजनक चैट और अन्य निजी वस्तुओं के बूते उन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, जबकि 50 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु अपनी पहली पत्नी माधवी की मौत के बाद डॉ. आयुषी शर्मा के साथ दूसरा विवाह कर चुके थे।

अधिकारियों ने बताया कि भय्यू महाराज ने इंदौर के बायपास रोड स्थित अपने बंगले में 12 जून 2018 को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

भाषा हर्ष

रंजन शोभना

शोभना

 

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