भोपाल गैस त्रासदी: पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनों ने ब्रिटेन की संसद में ईडीएम की सराहना की |

भोपाल गैस त्रासदी: पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनों ने ब्रिटेन की संसद में ईडीएम की सराहना की

भोपाल गैस त्रासदी: पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनों ने ब्रिटेन की संसद में ईडीएम की सराहना की

: , December 1, 2022 / 09:13 PM IST

भोपाल, एक दिसंबर (भाषा) भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों के हित में काम कर रहे पांच गैर सरकारी संगठनों ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन की संसद के उन सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने 28 नवंबर को संसद में पेश अर्ली डे मोशन (ईडीएम) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए काम करने वाले पांच गैर सरकारी संगठनों ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि ब्रिटेन के पांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और तीन स्वतंत्र सांसदों सहित संसद के 40 सदस्यों ने एक ईडीएम पर हस्ताक्षर किए हैं जो गैस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय दिलाने के लिए कहता है, यूनियन कार्बाइड के मालिक डाव केमिकल से ‘तत्काल सुधार करने के लिए’ कहता है।

दो और तीन दिसंबर 1984 की मध्य रात्रि में भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने से निकली जहरीली गैस के कारण कई हजार लोग मारे गए और लाखों लोग बीमार हो गए थे। इसे आम तौर पर दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा माना जाता है। यह कारखाना अब निष्क्रिय है।

भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि विपक्ष का नेतृत्व करने वाले जेरेमी कॉर्बिन और लेबर पार्टी के एंडी मैकडोनाल्ड ने ईडीएम का समर्थन किया है।’

उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्ताव पर और सांसद हस्ताक्षर करेंगे और निकट भविष्य में भोपाल के लंबित मुद्दों पर ब्रिटेन की संसद का ध्यान जाएगा।

भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने बताया कि यह प्रस्ताव भारतीय मूल के लेबर सांसद नवेंदु मिश्रा ने पेश किया था। उन्हांने कहा, ‘इससे पहले नवेन्दु ने न्याय के मुद्दों, प्रदूषित भूमि और भूजल की सफाई और पीड़ितों के लिए पर्याप्त मुआवजे पर ब्रिटेन की संसद में बहस की।’’

बयान में कहा गया कि उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में राज्य मंत्री ऐनी मैरी ट्रेवेलियन ने व्यापार और सहयोग पर चल रही चर्चाओं के दौरान भारतीय समकक्षों के साथ भोपाल के मुद्दों को उठाने के बात का भरोसा दिया है।’

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि ब्रिटेन के सांसदों का सक्रिय समर्थन दुनिया भर के सांसदों को भोपाल के गैस पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करेगा जो वर्तमान में पर्याप्त मुआवजे, मिट्टी और भूजल से जहर की सफाई, दोषी कंपनियों को सजा और चिकित्सा और सामाजिक पुनर्वास के लिए लड़ रहे हैं। ।”

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब खान और ‘डॉव कार्बाइड के खिलाफ बच्चे’ की नौशीन खान ने ब्रिटेन की संसद के अन्य सदस्यों से ईडीएम पर हस्ताक्षर करने की अपील की।

भाषा दिमो

संतोष धीरज

धीरज

 

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