आईआईएम इंदौर के पीजीपी बैच में लगातार दूसरे साल छात्राओं का दबदबा
आईआईएम इंदौर के पीजीपी बैच में लगातार दूसरे साल छात्राओं का दबदबा
इंदौर (मध्यप्रदेश), 29 जून (भाषा) इंदौर के भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के प्रमुख पाठ्यक्रम पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) में लैंगिक विविधता का रुझान मजबूत हुआ है क्योंकि नये बैच में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 54.40 प्रतिशत पर पहुंच गई है। आईआईएम के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक पीजीपी पाठ्यक्रम में लगातार दूसरे साल महिलाओं की संख्या पुरुष विद्यार्थियों से अधिक रही है।
अधिकारी ने बताया कि 487 विद्यार्थियों के 2026-28 पीजीपी बैच में 265 महिलाएं और 222 पुरुष हैं।
उन्होंने बताया कि पीजीपी के पिछले साल के बैच में 262 महिलाएं और 225 पुरुष थे।
आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,’हम लैंगिक विविधता को एक रणनीतिक आवश्यकता के रूप में देखते हैं जो सीखने की प्रक्रिया को समृद्ध बनाती है, दृष्टिकोणों का दायरा बढ़ाती है और भावी नेतृत्वकर्ताओं को लगातार बदलते कारोबारी माहौल के लिए तैयार करती है।’’
उन्होंने कहा कि आईआईएम इंदौर के पीजीपी बैच में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक होना संस्थान के निरंतर प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
निदेशक ने कहा कि इन प्रयासों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली छात्राओं के लिए विशेष पुरस्कार और उन्हें खेलों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा नेतृत्व के अवसरों से युक्त समावेशी परिसर मुहैया कराने की लक्षित पहलें शामिल हैं।
आईआईएम में संचालित दो साल के पूर्णकालिक पीजीपी को ‘मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (एमबीए) पाठ्यक्रम के समतुल्य माना जाता है।
संस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि पीजीपी के नये बैच में 54 प्रतिशत प्रतिभागी गैर-इंजीनियरिंग और 46 प्रतिशत इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं।
अधिकारी के मुताबिक इस बैच में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर विज्ञान के साथ ही अर्थशास्त्र, वास्तुकला, चिकित्सा, पत्रकारिता, मनोविज्ञान, कृषि, विधि, फैशन डिजाइनिंग और पशु चिकित्सा विज्ञान जैसे विषयों की पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस बैच के 43 प्रतिशत प्रतिभागियों ने पहले के पेशेवर अनुभव के साथ संस्थान में दाखिला लिया है।
भाषा हर्ष राजकुमार
राजकुमार

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