मप्र : जंगल से बचाया गया जख्मी तेंदुआ शावक तीन दिन से लापता, वन्यजीव प्रेमियों को अनहोनी की आशंका

मप्र : जंगल से बचाया गया जख्मी तेंदुआ शावक तीन दिन से लापता, वन्यजीव प्रेमियों को अनहोनी की आशंका

Edited By: , December 4, 2021 / 07:07 PM IST

इंदौर, चार दिसंबर (भाषा) मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित कमला नेहरू चिड़ियाघर से तीन दिन पहले लापता तेंदुआ शावक के बारे में स्थानीय प्रशासन को लम्बे खोज अभियान के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

लापता शावक के पिछले पैर जख्मी हैं और इस कारण उसकी खैरियत को लेकर वन्यजीव प्रेमियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

वन विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, ‘‘लापता तेंदुआ शावक को चिड़ियाघर और इसके आस-पास के इलाकों में ढूंढा जा रहा है। लेकिन उसका अब तक पता नहीं चल सका है।’’

उन्होंने बताया कि अपनी मां से बिछड़ने के बाद जंगल में घूम रहे तेंदुआ शावक को वन विभाग ने बुरहानपुर जिले में बचाया था और उसके पिछले पैरों में जख्म दिखाई देने पर उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर के चिड़ियाघर भेजा गया था।

चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम यादव के मुताबिक वन विभाग का दल छह महीने के मादा तेंदुआ शावक के पिंजरे वाली गाड़ी को बुधवार रात चिड़ियाघर परिसर में छोड़कर रवाना हो गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने वन विभाग के अफसरों को पहले ही बता दिया था कि हम रात के वक्त तेंदुआ शावक को चिड़ियाघर के पिंजरे में स्थानांतरित नहीं कर सकते।’’

यादव के मुताबिक तेंदुआ शावक को स्थानांतरित करने के लिए वन विभाग की गाड़ी में रखा पिंजरा बृहस्पतिवार सुबह देखा गया, तो उसकी जाली टूटी मिली और यह वन्य जीव उसमें नहीं पाया गया।

कमला नेहरू चिड़ियाघर, इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के अधीन है। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ शावक के लापता होने के मामले की वन विभाग और आईएमसी, दोनों अपने-अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं, लेकिन अब तक मामले में किसी भी कर्मचारी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी है।

इस बीच, पशु हितैषी संस्था ‘पीपुल फॉर एनिमल्स’ की इंदौर इकाई की अध्यक्ष प्रियांशु जैन ने कहा, ‘तेंदुआ शावक के गायब होने के मामले में वन विभाग और चिड़ियाघर, दोनों के कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही नजर आ रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।’

उन्होंने कहा कि लापता तेंदुआ शावक जख्मी है और अब तक उसका पता न चलने पर उसके साथ किसी अनहोनी की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

भाषा हर्ष हर्ष देवेंद्र

देवेंद्र