सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ट्विशा पर लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित करें: परिजन
सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ट्विशा पर लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित करें: परिजन
( तस्वीर सहित )
भोपाल, 19 मई (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की दहेज के लिए कथित हत्या मामले में परिजनों ने मंगलवार को आरोपियों में शामिल सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को चुनौती दी कि उन्होंने उनकी बेटी पर ‘नशे की लत’ सहित जो भी आरोप लगाए हैं, उन्हें अदालत में साबित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि ट्विशा की ‘हत्या’ उनके घर में हुई है, इसलिए उन्हें इसका जवाब देना चाहिए ना कि मृत लड़की के ‘चरित्र हनन’ का प्रयास करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 2024 में एक डेटिंग ऐप के माध्यम से मुलाकात के बाद दिसंबर 2025 में आरोपी समर्थ सिंह और ट्विशा ने शादी की थी। उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फांसी पर लटकी पाई गई थी।
ट्विशा के परिवार का दावा है कि दहेज उत्पीड़न के कारण उसकी हत्या की गई है जबकि उसके ससुराल पक्ष ने इन आरोपों का खंडन किया है। फिलहाल मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
इससे पहले सोमवार को भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने फरार चल रहे ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के फैसले के बाद, भोपाल पुलिस ने फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर 10,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया। सिंह पेशे से वकील है।
अदालत के फैसले के बाद समर्थ की मां और सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने एक संवाददाता सम्मेलन में ट्विशा और उनके परिजनों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने दावा किया था कि ट्विशा मनोचिकित्सकीय काउंसलिंग ले रही थी और उसे ऐसी दवाएं दी जा रही थी, जो सामान्यतः सित्जोफ्रेनिया के मरीजों को दी जाती हैं।
जानकारों के मुताबिक सित्जोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है, जो व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। इससे पीड़ित लोग वास्तविकता और कल्पना में फर्क नहीं कर पाते हैं।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा से जब गिरिबाला सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के बारे में पीटीआई वीडियो ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अपराधी बस खुद को बचाने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि वह (गिरिबाला सिंह) अलग-अलग तरह के आरोप लगा रही हैं। क्योंकि लड़की अब मर चुकी है, वह सोचती हैं कि वह उस पर कुछ भी आरोप लगा सकती हैं और दोष उस पर मढ़ सकती हैं।’
उन्होंने कहा कि चूंकि ट्विशा की हत्या उनके घर में हुई है, इसलिए उन्हें इसके लिए जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘जहां तक आरोपों का सवाल है, उन्हें इन्हें अदालत में पेश करना चाहिए।’
नवनिधि शर्मा ने कहा कि एक मृत लड़की को सार्वजनिक रूप से बदनाम करना अपने आप में एक गंभीर अपराध है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायिक पद पर रहे किसी व्यक्ति की ओर से ऐसे आरोप लगाया जाना ‘बेहद शर्मनाक’ है।
उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष जिस ट्विशा पर आरोप लगा रहा है, वह ‘आकर्षक व्यक्तित्व की धनी, अपने करियर पर ध्यान देने वाली और शिक्षित’ लड़की थी।
नवनिधि शर्मा ने कहा कि गिरिबाला सिंह ने उनकी बेटी को ‘सित्जोफ्रेनिया’ से पीड़ित बताया लेकिन उससे भी अधिक गिरिबाला सिंह स्वयं ‘सित्ज़ोफ्रेनिक’ हैं जिन्होंने उनकी ‘इतनी प्यारी’ बेटी को अपने ही घर में मार डाला?
ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने बातचीत में गिरिबाला सिंह के उन आरोपों का खंडन किया कि वह अपने मायके पक्ष को पैसों से मदद करती थी।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास कभी पैसों की कमी नहीं थी। हमने कभी उससे (त्विशा) पैसे नहीं लिए और ना ही मेरी बेटी ने हमें कभी पैसे दिए।’
उन्होंने कहा कि हमने हमेशा उसे एक अच्छा करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ‘हमें कोई वित्तीय समस्या नहीं थी और मेरी बेटी यह अच्छी तरह से जानती थी। एकमात्र मुद्दा यह है कि वे उसे रोकने की कोशिश कर रहे थे।’
उन्होंने कहा कि गिरिबाला सिंह के आरोप तथ्यों से परे हैं और वह चाहे तो सारे पैसे ले सकती हैं लेकिन वह उनकी बेटी को वापस कर दें।
गिरिबाला सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया था कि उन्होंने ट्विशा को पांच महीने में करीब आठ लाख रुपये दिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि इनमें से पांच लाख रुपये ट्विशा ने अपने भाई हर्षित के खाते में ट्रांसफर किए थे।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने ट्विशा के माता-पिता पर यह आरोप भी लगाए थे कि उन्होंने उसे कम उम्र में ही अपनी बेटी को ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया था और बाद में उससे दूरी बना ली।
मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह अब भी फरार है और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया गया है जो लगातार सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
ट्विशा के परिजनों ने स्थानीय जांच पर सवाल खड़े करते हुए इसकी जांच दिल्ली हस्तांतरित करने की भी मांग की है।
पीड़िता के रिश्तेदारों के अनुसार, वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी और घटना के दिन रात करीब 10 बजे तक उनके संपर्क में रही।
भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा नरेश
नरेश

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